कोल्लम जिले के पास समुद्र में लाइबेरिया ध्वजधारी मालवाहक जहाज का डूबना न केवल नौवहन सुरक्षा के लिए चुनौती है, बल्कि इसके साथ हुई तेल रिसाव और खतरनाक रसायनों के खतरे ने पूरे तटीय क्षेत्र को खतरे में डाल दिया है।
लाइबेरियाई मालवाहक जहाज दुर्घटना – मुख्य बिंदु:
- स्थान: कोल्लम, केरल के तट से दूर अपतटीय क्षेत्र
- तिथि: शनिवार, 24 मई 2025
- चालक दल: कुल 24 सदस्य सभी सुरक्षित बचा लिए गए
- कंटेनरों की संख्या: कुल 640, जिनमें 13 में खतरनाक रसायन
- मुख्य खतरे:
- तेल रिसाव (367.1 MT फर्नेस ऑयल + 84.44 MT डीज़ल)
- कैल्शियम कार्बाइड (पानी के संपर्क में आने पर एसिटिलीन गैस उत्पन्न करता है – विस्फोटक और जहरीली)
तेल रिसाव का पर्यावरणीय प्रभाव:
- समुद्री जीव-जंतुओं और प्रवाल भित्तियों (coral reefs) पर संकट
- मछली पकड़ने पर रोक लगाई गई, जिससे मछुआरा समुदाय प्रभावित
- नौवहन गतिविधियां (boat movement) बाधित
- तेल लगभग 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तटीय क्षेत्र की ओर फैल रहा है
कंटेनरों का तट पर पहुंचना:
- अब तक 4 कंटेनर कोल्लम तट पर बहकर आ चुके हैं
- इनमें संदिग्ध रसायन और अनियंत्रित सामग्री हो सकती है
- प्रशासन ने स्थानीय लोगों से अपील की है:
- किसी भी कंटेनर को छूने से बचें
- संदिग्ध वस्तु दिखने पर पुलिस/प्रशासन को सूचित करें
आपातकालीन प्रतिक्रिया और सरकारी प्रयास:
- भारतीय तटरक्षक बल (ICG): प्रदूषण नियंत्रण ऑपरेशन में जुटा
- संबंधित केंद्रीय एजेंसियां: पर्यावरण मंत्रालय, शिपिंग मंत्रालय और NDRF (जरूरत पड़ने पर)
- स्थानीय प्रशासन: तटीय सुरक्षा बढ़ाई गई, निगरानी ड्रोन और नावें तैनात
- राज्य सरकार: आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों की निगरानी कर रही है
आम जनता के लिए सुझाव:
- कंटेनरों या बहकर आई वस्तुओं को छूने से बचें
- बच्चों और बुजुर्गों को तट से दूर रखें
- किसी भी विस्फोट, गंध, या संदिग्ध धुएं की स्थिति में 112/100 पर तुरंत सूचना दें
- समुद्री जल में स्नान या खेल से बचें जब तक स्थिति सामान्य न हो