योगी आदित्यनाथ बुधवार (29 अप्रैल 2026) को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने श्री राम जन्मभूमि मंदिर परिसर में आयोजित एक विशेष धार्मिक कार्यक्रम में भाग लिया। वैशाख शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के शुभ अवसर पर मुख्यमंत्री ने नवनिर्मित शिव मंदिर के शिखर पर विधि-विधान के साथ ध्वज स्थापित किया।
कार्यक्रम की शुरुआत में CM योगी ने रामलला के दर्शन किए और आचार्यों की उपस्थिति में विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने संघ पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ मिलकर मंदिर के शिखर पर ध्वजारोहण किया।
शिव मंदिर पर ध्वजारोहण का विशेष महत्व
मंदिर परिसर के ईशान कोण में स्थित शिव मंदिर का ध्वज विशेष रूप से आकर्षण का केंद्र रहा। यह ध्वज 19 फीट 7 इंच ऊँचा है, जबकि इसकी लंबाई 9 फीट 3 इंच और चौड़ाई 4 फीट 7 इंच बताई गई है।
ध्वजारोहण के दौरान पूरा परिसर “जय श्री राम” और “जय भोलेनाथ” के जयकारों से गूंज उठा, जिससे धार्मिक उत्साह का माहौल देखने को मिला।
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर के परकोटे में स्थित भगवान शिव के मंदिर के शिखर पर उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने विधि विधान से पूजन के साथ ध्वजारोहण किया।
श्रीराम जन्मभूमि मन्दिर के परकोटे में ईशान कोण (उत्तर -पूर्व) पर स्थित शिव मन्दिर का ध्वजदंड १९ फिट ७ इंच ऊंचा है।… pic.twitter.com/ET9iSG7xAz
— Shri Ram Janmbhoomi Teerth Kshetra (@ShriRamTeerth) April 30, 2026
अन्य मंदिरों पर भी ध्वज स्थापना
राम मंदिर के मुख्य शिखर के बाद परिसर के परकोटे में स्थित अन्य मंदिरों—माँ अन्नपूर्णा, सूर्य देव, हनुमान और गणेश मंदिरों—पर भी ध्वज स्थापना की गई। इस भव्य आयोजन में करीब 1200 कार्यकर्ता, संत और महंत शामिल हुए।
आस्था और एकता का संदेश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस आयोजन को आस्था, भव्यता और नए भारत के आत्मविश्वास का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि भगवान राम, कृष्ण और शिव की परंपरा देश को एकता के सूत्र में बांधती है।
उन्होंने आगे कहा कि समाज की एकजुटता ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है और ऐसे धार्मिक आयोजन इस भावना को और मजबूत करते हैं।
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