मणिपुर में नई सरकार गठन की कवायद शुरू: BJP ने राज्यपाल को सौंपा समर्थन पत्र, 44 विधायकों के समर्थन का दावा
पृष्ठभूमि:
मणिपुर में मई 2023 से जारी मेइती और कुकी समुदायों के बीच जातीय हिंसा ने राज्य को लगातार अस्थिर बनाए रखा है। इसके बीच फरवरी 2025 में मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह के इस्तीफे के बाद राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा हुआ है।
ताजा घटनाक्रम:
- BJP विधायक थोकचोम राधेश्याम सिंह ने बुधवार को राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मुलाकात की।
- उनके साथ 9 अन्य विधायक भी राजभवन पहुंचे।
- उन्होंने राज्यपाल को बताया कि 44 विधायक सरकार बनाने के लिए तैयार हैं।
राधेश्याम सिंह का बयान:
“जनता की इच्छा के अनुसार 44 विधायक नई सरकार के गठन के लिए तैयार हैं। हमने राज्यपाल को यह जानकारी दे दी है और संभावित समाधान पर भी चर्चा की।”
विधानसभा का गणित:
- मणिपुर विधानसभा में कुल 60 सीटें हैं, जिनमें से एक सीट खाली है।
फिलहाल कुल सक्रिय विधायक: 59 - BJP गठबंधन के पास 44 विधायक:
- 32 मेइती
- 3 मणिपुरी मुस्लिम
- 9 नगा
- कांग्रेस: 5 विधायक (सभी मेइती)
- कुकी समुदाय के विधायक: 10
- 7 भाजपा से निर्वाचित
- 2 कुकी पीपुल्स अलायंस
- 1 निर्दलीय
चुनौतीपूर्ण पहलू:
- 10 कुकी विधायक (मुख्यतः पहाड़ी क्षेत्रों से) राज्य सरकार से दूरी बनाए हुए हैं।
- लगातार हिंसा और सामाजिक विभाजन के चलते भरोसे और प्रशासन की बहाली एक चुनौती बनी हुई है।
- भाजपा नेतृत्व को अभी तक यह तय करना है कि क्या आधिकारिक रूप से सरकार बनाने का दावा पेश किया जाए।
राजनीतिक संकेत:
- राधेश्याम सिंह ने कहा कि अंतिम निर्णय BJP का केंद्रीय नेतृत्व लेगा।
- विधानसभा अध्यक्ष सत्यव्रत ने 44 विधायकों से मुलाकात कर समर्थन की पुष्टि की है।
- वे बोले: “हम तैयार हैं — यह कहना अपने-आप में सरकार बनाने के दावे जैसा है।”
आगे क्या?
- यदि BJP केंद्रीय नेतृत्व सरकार बनाने की अनुमति देता है, तो राज्यपाल सरकार गठन के लिए न्योता दे सकते हैं।
- अगर 44 विधायकों का समर्थन सच में पक्का होता है, तो BJP को बहुमत मिलने में दिक्कत नहीं होगी।
- लेकिन, कुकी विधायकों का मन टटोलना और सामाजिक सामंजस्य बनाना आवश्यक होगा।