देश के खिलाफ जहर उगलने वालों पर डिजिटल वार, ऑपरेशन ‘डिजिटल स्ट्राइक’ के तहत कसा शिकंजा
अब भारत सिर्फ सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि डिजिटल दुनिया में भी देशविरोधी तत्वों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई कर रहा है। NIA (नेशनल इन्वेस्टिगेशन एजेंसी) और अन्य खुफिया एजेंसियां सोशल मीडिया पर देश के खिलाफ जहर उगलने, नफरत फैलाने, आतंकी विचारधारा और देशद्रोही प्रोपेगेंडा चलाने वालों पर तेजी से कार्रवाई कर रही हैं। इस मिशन को नाम दिया गया है — ऑपरेशन डिजिटल स्ट्राइक।
इस ऑपरेशन में एजेंसियां फेसबुक, एक्स (Twitter), इंस्टाग्राम, यूट्यूब, टेलीग्राम और व्हाट्सऐप जैसे प्लेटफॉर्म्स पर नजर रखती हैं। यहां AI एल्गोरिदम के जरिए हर पोस्ट, वीडियो, मैसेज को स्कैन किया जाता है और आतंकी विचारधारा, फेक न्यूज, सांप्रदायिक भड़काव, देशद्रोह या अश्लील सामग्री की पहचान की जाती है। यदि कोई कंटेंट संदिग्ध पाया जाता है, तो उसकी IP, शेयरिंग हिस्ट्री, स्क्रीनशॉट, लिंक और मेटाडेटा सुरक्षित कर लिया जाता है ताकि आगे कोर्ट में सबूत के तौर पर पेश किया जा सके।
इसके बाद एजेंसी संबंधित सोशल मीडिया कंपनियों को Blocking Request भेजती है, जो भारतीय कानून के तहत की जाती है। कई मामलों में गृह मंत्रालय के माध्यम से एकाउंट ब्लॉक करवाए जाते हैं।
टारगेट पर कौन हैं?
- खालिस्तान समर्थक अकाउंट्स
- ISIS समर्थक और प्रचारक
- पाकिस्तान-चीन समर्थित प्रोपेगेंडा चलाने वाले हैंडल्स
- विदेशी गैंगस्टर जो भारत में गैंगवार और सुपारी किलिंग को बढ़ावा देते हैं
आंकड़े जो बताते हैं डिजिटल वार की तीव्रता:
- 2014 में केवल 471 अकाउंट/URL ब्लॉक हुए थे
- 2023 में यह संख्या बढ़कर 12,483 हो गई
- 2024 में सितंबर तक 8,821 लिंक/अकाउंट ब्लॉक किए जा चुके हैं
- 2021-24 के बीच
- Facebook: 11,000+ URLs
- X (Twitter): 10,139+ URLs
- YouTube: 2,200+ URLs
- Instagram: 2,198+ URLs
- WhatsApp, Telegram पर सैकड़ों ग्रुप्स ब्लॉक हुए हैं
ऑपरेशन सिंदूर: पाकिस्तानी अकाउंट्स पर सबसे बड़ी कार्रवाई
हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के तहत भारत विरोधी गतिविधियों में लिप्त 8,000 पाकिस्तानी अकाउंट्स को ब्लॉक किया गया। ये अकाउंट धार्मिक नफरत फैलाने, फर्जी वीडियो से दंगे भड़काने और भारत की छवि बिगाड़ने में जुटे थे।