सावन माह की शुरुआत के साथ ही देशभर के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु कांवड़ यात्रा पर निकलते हैं, और इस बार 11 जुलाई से 23 जुलाई 2025 तक चलने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने कमर कस ली है। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर जिले में इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए विशेष सुरक्षा और ट्रैफिक प्रबंधन योजनाएं बनाई गई हैं। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार ने बताया कि इस बार अनुमान है कि करीब 5 करोड़ कांवड़ यात्री इस धार्मिक यात्रा में भाग ले सकते हैं, ऐसे में सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा व्यवस्थाओं को प्राथमिकता दी जा रही है।
यात्रा के मार्ग और ट्रैफिक पर प्रतिबंध:
मुजफ्फरनगर पुलिस द्वारा जारी की गई ट्रैफिक एडवाइजरी के अनुसार, 11 जुलाई से दिल्ली-देहरादून नेशनल हाईवे और गंगा नहर मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही प्रतिबंधित कर दी जाएगी। वहीं, 18 जुलाई से इन मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर पूर्ण प्रतिबंध लागू होगा। यह निर्णय श्रद्धालुओं की सुरक्षा और निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है। इसके तहत नेशनल हाईवे का एक हिस्सा सिर्फ कांवड़ यात्रियों के लिए आरक्षित रहेगा।
जिला प्रशासन की व्यवस्थाएं:
मुजफ्फरनगर जिले को भीड़ नियंत्रण और सुचारू संचालन के लिए 18 जोन और 88 सेक्टरों में विभाजित किया गया है। इसके अलावा यात्रा मार्गों की निगरानी के लिए 1543 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। पुलिस शिविरों और यात्रा रूट पर लगातार निगरानी रखेगी। साथ ही, कांवड़ शिविरों के आयोजकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने शिविरों में CCTV कैमरे लगाए और कार्यकर्ताओं को पहचान पत्र दें, ताकि किसी भी असामाजिक तत्व की पहचान तुरंत की जा सके।
यातायात और परिवहन सुविधाएं:
यूपी रोडवेज की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधाजनक आवाजाही के लिए 60 विशेष बसें चलाई जाएंगी। इन बसों के जरिए कांवड़ियों को विभिन्न स्थलों से हरिद्वार और वापसी मार्ग पर परिवहन सुविधा मिलेगी।
चिकित्सा सेवाएं और आपातकालीन व्यवस्था:
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील तेवतिया ने बताया कि यात्रा मार्गों पर कुल 43 चिकित्सा शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें आवश्यक दवाइयों और प्राथमिक चिकित्सा की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा, जिला अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में करीब 100 बिस्तरों की व्यवस्था की गई है, ताकि बीमार या घायल यात्रियों को तुरंत इलाज मिल सके।
जल सुरक्षा और गोताखोरों की तैनाती:
यात्रा के दौरान गंगा, यमुना और गंगा नहर में लाखों श्रद्धालु स्नान करते हैं। ऐसे में सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और शामली जिलों के सभी प्रमुख स्नान घाटों पर पुलिस गोताखोरों की तैनाती की जाएगी। यह कदम यात्रियों की जल सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
सुरक्षा और सहयोग की अपील:
पुलिस उप महानिरीक्षक अभिषेक और एसएसपी संजय कुमार ने नागरिकों से अपील की है कि वे प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों और ट्रैफिक नियमों का पालन करें तथा यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और दुर्घटनामुक्त बनाने में सहयोग करें।
मुजफ्फरनगर प्रशासन द्वारा की गई ये व्यापक तैयारियां यह सुनिश्चित करती हैं कि इस पवित्र यात्रा में भाग लेने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा ना हो और वे सुचारू रूप से अपने गंतव्य तक पहुंचकर धार्मिक कार्य पूर्ण कर सकें।