उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले से रिश्तों को शर्मसार कर देने वाली एक दर्दनाक घटना सामने आई है। पिपराइच थाना क्षेत्र के जंगल धूषण बड़की रेतवाहिया गांव में मां की तेरहवीं के दौरान हुए विवाद ने खूनी रूप ले लिया। ब्रह्मभोज के खर्च और पारिवारिक संपत्ति को लेकर दो भाइयों के बीच हुई कहासुनी इतनी बढ़ गई कि बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई।
घटना के बाद पूरे गांव में मातम और सन्नाटा पसरा हुआ है। जिस परिवार में मां के निधन का शोक था, उसी परिवार को कुछ ही घंटों बाद बेटे की मौत का भी दुख झेलना पड़ा।
मां की तेरहवीं में हुआ विवाद
जानकारी के अनुसार, मृतका के चार बेटे हैं। मां के निधन के बाद सनातन परंपरा के अनुसार तेरहवीं और ब्रह्मभोज का आयोजन किया गया था। परिवार का बड़ा बेटा अलग रहता था, लेकिन वह भी तेरहवीं कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव पहुंचा था।
दोपहर करीब 12:30 बजे ब्रह्मभोज के खर्च और मां की संपत्ति के बंटवारे को लेकर बड़े भाई दुर्गविजय और छोटे भाई शुभम के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट की नौबत आ गई।

बड़े भाई ने निकाला असलहा, छोटे भाई को मारी गोली
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, गुस्से में आए बड़े भाई दुर्गविजय ने अचानक अपना असलहा निकाल लिया और छोटे भाई शुभम पर फायरिंग कर दी। गोली सीधे शुभम के सीने में जा लगी, जिससे वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़ा।
परिजन तुरंत उसे मेडिकल कॉलेज लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया।
परिवार में मातम, गांव में पसरा सन्नाटा
घटना के बाद पूरे गांव में शोक और तनाव का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि मां की तेरहवीं जैसे धार्मिक और पारिवारिक आयोजन में ऐसी घटना की किसी ने कल्पना भी नहीं की थी।
परिवार अभी मां के निधन के दुख से उबर भी नहीं पाया था कि बेटे की मौत ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया।
आरोपी फरार, पुलिस तलाश में जुटी
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, फायरिंग के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि ब्रह्मभोज के दौरान खर्च और संपत्ति को लेकर हुए विवाद में बड़े भाई ने छोटे भाई को गोली मार दी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
रिश्तों पर उठे सवाल
यह घटना एक बार फिर समाज को सोचने पर मजबूर करती है कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों के लिए पूरी जिंदगी संघर्ष किया, उन्हीं की अंतिम रस्मों के दौरान संपत्ति और पैसों को लेकर रिश्ते खून के प्यासे कैसे हो जाते हैं। मां की तेरहवीं में हुआ यह खूनी संघर्ष रिश्तों के बदलते स्वरूप और सामाजिक मूल्यों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
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