रक्षाबंधन के पावन अवसर पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मातृशक्ति को समर्पित एक भावनात्मक एवं संकल्पित संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे केवल मुख्यमंत्री के रूप में नहीं, बल्कि प्रदेश की माताओं और बहनों के भाई के रूप में उनकी सेवा में समर्पित हैं। मुख्यमंत्री धामी ने महिलाओं को आश्वस्त किया कि यदि उन्हें कभी किसी प्रकार की समस्या का सामना करना पड़े, तो वे सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय से संपर्क कर सकती हैं, और वे स्वयं व्यक्तिगत रूप से उनके मुद्दों का समाधान कर, एक भाई का धर्म निभाएंगे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने “जल सखी योजना” की घोषणा की, जिसे शीघ्र ही शुरू किया जाएगा। इस योजना के अंतर्गत ग्रामीण महिलाओं की आजीविका को बढ़ावा देने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से पेयजल आपूर्ति का जिम्मा महिला स्वयं सहायता समूहों को सौंपा जाएगा। यह योजना केवल पेयजल की सुविधा नहीं है, बल्कि महिलाओं की भागीदारी को बढ़ावा देने वाला सामाजिक बदलाव है। इन महिला समूहों को नए कनेक्शन देना, बिल वितरण और वसूली, रखरखाव जैसे कार्य आउटसोर्स के माध्यम से सौंपे जाएंगे।
आदरणीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी के कुशल नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में हमारी सरकार मातृशक्ति के उत्थान एवं उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में निरंतर कार्य कर रही है। महिलाओं को समान अधिकार देने के उद्देश्य से ही प्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू किया है। pic.twitter.com/FTyAR9e4LE
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 3, 2025
मुख्यमंत्री धामी ने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में महिलाओं को सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कार्य हो रहे हैं। “बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ”, “सुकन्या समृद्धि योजना”, “उज्ज्वला योजना”, “नारी शक्ति वंदन अधिनियम”, “शौचालय निर्माण”, “मातृत्व अवकाश में वृद्धि”, और महिलाओं को सेना और सैनिक स्कूलों में प्रवेश देने जैसे कदम महिलाओं को नए अवसर प्रदान कर रहे हैं।
राज्य सरकार ने भी महिलाओं के लिए कई ठोस कदम उठाए हैं। उत्तराखंड की महिलाओं को सरकारी नौकरियों में 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण प्रदान किया गया है, जिससे उन्हें रोजगार के क्षेत्र में बराबरी का अवसर मिला है। साथ ही, “स्वयं सहायता समूहों” को करोड़ों रुपये की आर्थिक सहायता दी गई है, जिससे ये महिलाएं “हाउस ऑफ हिमालयाज” ब्रांड के माध्यम से अपने उत्पादों को देश-विदेश तक पहुंचा रही हैं।
“लखपति दीदी योजना” के अंतर्गत राज्य की 1.63 लाख से अधिक बहनों ने लखपति बनने का गौरव प्राप्त किया है, जो इस बात का प्रमाण है कि उत्तराखंड की महिलाएं आत्मबल और परिश्रम के दम पर उद्यमिता के क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच रही हैं। इसी तरह, “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव योजना” के जरिए 30,000 से अधिक महिलाएं 5 करोड़ रुपए से अधिक का व्यापार कर चुकी हैं।
आज प्रदेश के बेटे-बेटियों का योग्यता, प्रतिभा और क्षमता के आधार पर सरकारी नौकरियों में चयन हो रहा है। pic.twitter.com/UYmDCGZOaF
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) August 3, 2025
इस अवसर पर केंद्रीय संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने भी प्रधानमंत्री मोदी द्वारा शुरू की गई “हर घर शौचालय”, “जल जीवन मिशन” जैसी योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि ये सभी प्रयास महिलाओं को केंद्र में रखकर किए जा रहे हैं, जिससे वे सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त हो सकें। उत्तराखंड की सीमांत क्षेत्रों की महिलाओं द्वारा तैयार हस्तशिल्प उत्पादों को भी अब राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जोड़ा गया है, जिससे उन्हें बेहतर आमदनी का अवसर मिल रहा है।
समारोह में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी और भाजपा युवा मोर्चा की उपाध्यक्ष नेहा जोशी सहित प्रदेशभर की बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल रहीं। मुख्यमंत्री का यह संबोधन केवल एक औपचारिक वक्तव्य नहीं था, बल्कि महिलाओं को सशक्त बनाने की दिशा में एक सशक्त, संवेदनशील और समर्पित प्रयास का उदाहरण था।
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