राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारत की अंतरिक्ष यात्रा और उसकी भविष्य की दिशा पर विस्तृत दृष्टिकोण प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि आज भारत और भारतीय वैज्ञानिकों के लिए एक के बाद एक नई उपलब्धियां हासिल करना आदत बन चुकी है। मात्र दो वर्ष पूर्व ही भारत ने चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरकर एक ऐतिहासिक उपलब्धि दर्ज की थी और इस गौरव को पूरी दुनिया ने सराहा था। प्रधानमंत्री ने इस उपलब्धि के साथ ही एक और मील का पत्थर याद दिलाया कि भारत अब उन कुछ चुनिंदा देशों में शामिल हो चुका है, जिनके पास अंतरिक्ष में डॉकिंग और अनडॉकिंग की क्षमता है। इस तकनीक में महारत हासिल करने वाला भारत दुनिया का चौथा देश बन चुका है, जो भविष्य के मानव मिशनों और स्पेस स्टेशनों की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
#WATCH | दिल्ली: राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "मैं आप सभी को राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ देता हूँ।
इस बार अंतरिक्ष दिवस की थीम है 'आर्यभट्ट से गगनयान'।
इसमें अतीत का आत्मविश्वास और भविष्य का संकल्प दोनों शामिल हैं।
आज हम… pic.twitter.com/qqYc3WbWBD
— One India News (@oneindianewscom) August 23, 2025
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि अनंत अंतरिक्ष हमें यह सीख देता है कि वहाँ कभी कोई ठहराव नहीं है, न ही कोई अंतिम पड़ाव। उसी भावना के अनुरूप भारत की अंतरिक्ष नीतियों को भी गतिशील बनाए रखने की आवश्यकता है। उन्होंने याद दिलाया कि लाल किले से उन्होंने जो “रिफॉर्म, परफॉर्म और ट्रांसफॉर्म” का मंत्र दिया था, वही भारत की अंतरिक्ष नीति का भी आधार है। मोदी ने कहा कि यह दृष्टिकोण न केवल वैज्ञानिक प्रयासों को गति देगा, बल्कि युवाओं के सपनों को भी साकार करेगा।
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, "I wish you all a very Happy National Space Day. This time, the theme of Space Day is Aryabhatta to Gaganyaan. It has the confidence of the past as well as the resolve of the future. Today, we are… pic.twitter.com/PDS41K8IfJ
— ANI (@ANI) August 23, 2025
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने आने वाली महत्वाकांक्षी परियोजनाओं पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही गगनयान की ऐतिहासिक उड़ान भरने वाला है। इसके अलावा, भारत का अपना स्पेस स्टेशन बनाने का सपना भी साकार होगा। अब तक भारत चंद्रमा और मंगल ग्रह तक पहुँच चुका है, लेकिन भविष्य में हमें गहरे अंतरिक्ष में भी कदम बढ़ाने होंगे। वहाँ मानवता के भविष्य के लिए आवश्यक कई रहस्य छिपे हैं जिन्हें उजागर करना भारत का लक्ष्य होगा।
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, "Today, India is rapidly advancing in breakthrough technologies like semi-cryogenic engines and electric propulsion. Soon, with the hard work of all you scientists, India will also soar with Gaganyaan… pic.twitter.com/2zq0pxObBn
— ANI (@ANI) August 23, 2025
इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने अंतरिक्ष यात्री ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला से हुई हालिया मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि जब उन्होंने अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर तिरंगा फहराया, तो हर भारतीय का हृदय गर्व और उत्साह से भर गया। उन्होंने कहा कि शुभांशु शुक्ला जैसे युवाओं में उन्होंने भारत के साहस, ऊर्जा और अपार संभावनाओं की झलक देखी है। इसी भावना को आगे बढ़ाने के लिए भारत अब अपना “अंतरिक्ष यात्री पूल” तैयार कर रहा है, जिसमें देश के युवाओं को शामिल होने का अवसर मिलेगा। प्रधानमंत्री ने युवाओं को इस मिशन से जुड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि नए भारत के सपनों को पंख देने के लिए युवाओं का सहयोग अत्यंत आवश्यक है।
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, "There was a time when futuristic sectors like space were bound by many restrictions in the country. We opened these shackles. We gave permission to the private sector in space tech, and today in the… pic.twitter.com/Zx9cnTQ4gW
— ANI (@ANI) August 23, 2025
प्रधानमंत्री ने तकनीकी प्रगति की दिशा में हो रही उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि भारत अब सेमी-क्रायोजेनिक इंजन और इलेक्ट्रिक प्रोपल्शन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों में तेजी से प्रगति कर रहा है। यह भविष्य के अंतरिक्ष अभियानों को अधिक सुरक्षित, किफायती और टिकाऊ बनाएगा।
#WATCH | Delhi: On the National Space Day, Prime Minister Narendra Modi says, "Today on the occasion of Space Day, I would like to ask the country's space start-ups whether we can create five unicorns in the space sector in the next 5 years. Now we see five big launches from… pic.twitter.com/TEUixtNShc
— ANI (@ANI) August 23, 2025
इसी क्रम में इसरो प्रमुख वी. नारायणन ने भी भारत के भविष्य के मिशनों का खाका प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के मार्गदर्शन और विजन के अनुरूप भारत अब चंद्रयान-4 मिशन की तैयारी कर रहा है। इसके साथ ही भारत वीनस ऑर्बिटर मिशन पर भी काम कर रहा है, जो अंतरिक्ष विज्ञान की दिशा में एक नया अध्याय होगा। उन्होंने कहा कि 2035 तक भारत अपना स्वयं का “भारतीय अंतरिक्ष स्टेशन (BAS)” स्थापित करेगा और इसका पहला मॉड्यूल 2028 तक लॉन्च करने की योजना है। प्रधानमंत्री मोदी ने “नेक्स्ट जेनरेशन लॉन्चर (NGL)” को भी मंजूरी दे दी है, जो भारत की दीर्घकालिक अंतरिक्ष यात्रा को गति देगा। नारायणन ने यह भी कहा कि वर्ष 2040 तक भारत चंद्रमा पर उतरकर सुरक्षित वापसी करने में सक्षम होगा।
#WATCH | Delhi: ISRO Chairman V. Narayanan says, "… Based on his direction and vision, we are going to have a Chandrayaan-4 mission. We are going to have a Venus Orbiter Mission. We are going to have a space station called BAS (Bharatiya Antriksh Station) by 2035, and the first… pic.twitter.com/1RNQOJyng0
— ANI (@ANI) August 23, 2025
कुल मिलाकर, राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस पर प्रधानमंत्री मोदी और इसरो प्रमुख के संदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि भारत आने वाले दशकों में अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में न केवल आत्मनिर्भर बनेगा, बल्कि वैश्विक स्तर पर अग्रणी भूमिका भी निभाएगा। भारत का लक्ष्य अब सिर्फ पहुँचने का नहीं, बल्कि अंतरिक्ष के रहस्यों को सुलझाकर संपूर्ण मानवता को लाभ पहुँचाने का है।
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