भोजपुरी के सुपरस्टार पवन सिंह ने स्पष्ट कर दिया है कि वह बिहार विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेंगे। उन्होंने अपने फैसले की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स के जरिए दी। पवन सिंह ने पोस्ट में लिखा कि उन्होंने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी जॉइन नहीं किया था और न ही उनका चुनाव लड़ने का कोई इरादा है। उन्होंने यह भी कहा कि वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और हमेशा रहेंगे।
मैं पवन सिंह अपने भोजपुरीया समाज से बताना चाहता हूँ कि मैं बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी ज्वाइन नहीं किया था और नाहीं मुझे विधानसभा चुनाव लड़ना है |
मैं पार्टी का सच्चा सिपाही हूँ और रहूँगा। pic.twitter.com/reVNwocoav
— Pawan Singh (@PawanSingh909) October 11, 2025
पिछले महीने पवन सिंह ने बीजेपी के शीर्ष नेताओं और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (आरएलएम) के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा से मुलाकात की थी। इससे उनके विधानसभा चुनाव में हिस्सा लेने की चर्चा तेज़ हो गई थी। पवन सिंह इससे पहले भी अपने राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के बारे में मुखर रहे हैं, लेकिन अब उन्होंने स्पष्ट किया कि वह चुनाव में हिस्सा नहीं लेंगे।
स्मरण रहे कि 2024 के लोकसभा चुनाव में भी पार्टी ने उन्हें पश्चिम बंगाल के आसनसोल से मैदान में उतारा था। हालांकि, बाद में पार्टी ने उन पर यह आरोप लगने के बाद उन्हें चुनाव से हटने के लिए दबाव डाला कि उनके संगीत वीडियो और गीतों में बंगाली महिलाओं को अभद्र तरीके से दिखाया गया है।
बिहार से टिकट न मिलने के बाद पवन सिंह ने काराकाट सीट से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा। उनके समर्थन में राजपूत जाति का एक बड़ा वर्ग एकजुट हुआ, जिससे क्षेत्र के कुशवाह समुदाय में नाराजगी फैल गई और भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को कुछ सीटों का नुकसान उठाना पड़ा। इस चुनाव में उपेंद्र कुशवाहा तीसरे स्थान पर रहे, जबकि यह सीट भाकपा (माले) के खाते में गई।
हाल में पवन सिंह व्यक्तिगत विवादों की वजह से भी सुर्खियों में रहे। उनके पत्नी ज्योति सिंह ने उन पर कई आरोप लगाए और लखनऊ स्थित उनके घर में हंगामा हुआ। इस मामले पर पवन सिंह ने मीडिया के सामने अपनी बात रखी। इसके अलावा, उनकी पत्नी ने शुक्रवार को जनसुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से भी मुलाकात की।