दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास हुए कार ब्लास्ट की जाँच में फरीदाबाद आतंकी मॉड्यूल के लिंक लगातार गहराते जा रहे हैं। जांच एजेंसियों को इस हमले के पीछे एक संगठित नेटवर्क के सक्रिय होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। मंगलवार (11 नवंबर 2025) को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने फरीदाबाद के सेक्टर-56 क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए 50 से 60 किलोग्राम विस्फोटक सामग्री बरामद की। इस छापेमारी के दौरान दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनसे पूछताछ में कई अहम खुलासे होने की उम्मीद जताई जा रही है। बताया जा रहा है कि बरामद किए गए विस्फोटक में अमोनियम नाइट्रेट, डिटोनेटर और टाइमर डिवाइस शामिल हैं, जिनका उपयोग IED (इंप्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस) तैयार करने में किया जाता है।
गौरतलब है कि सोमवार (10 नवंबर 2025) की शाम को दिल्ली के लाल किला मेट्रो स्टेशन के पास खड़ी एक ह्यूंडई i20 कार में जबरदस्त विस्फोट हुआ था, जिसमें 8 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हुए थे। जांच एजेंसियों को शक है कि यह ब्लास्ट एक आत्मघाती हमला था, जिसे फरीदाबाद मॉड्यूल के आतंकियों ने अंजाम दिया। इस हमले के तुरंत बाद दिल्ली पुलिस, एनआईए और आईबी की संयुक्त टीमों ने कई जगह छापेमारी शुरू कर दी थी।
इसी क्रम में फरीदाबाद में हुई इस ताजा बरामदगी को अब तक की सबसे बड़ी सफलता माना जा रहा है। सूत्रों के मुताबिक, जिस स्थान से यह विस्फोटक बरामद किया गया, वहां एक किराए का मकान लिया गया था जिसे कुछ महीने पहले ही संदिग्धों ने लिया था। पुलिस का कहना है कि यह स्थान आतंकी गतिविधियों के लिए एक सेफ हाउस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था।
इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) ने इस धमाके को आतंकी कृत्य मानते हुए जांच की जिम्मेदारी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी है। एनआईए की टीम ने दिल्ली और फरीदाबाद दोनों जगहों से सैंपल इकट्ठा कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिए हैं। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह बात सामने आई है कि दिल्ली ब्लास्ट और फरीदाबाद से बरामद विस्फोटकों की केमिकल संरचना में समानता है, जिससे दोनों घटनाओं के बीच स्पष्ट संबंध साबित होता है।
बताया जा रहा है कि यह बरामदगी उस समय हुई जब एक दिन पहले ही इस हमले का साजिशकर्ता और फरीदाबाद मॉड्यूल का सक्रिय सदस्य डॉ. मुजम्मिल गिरफ्तार हुआ था। मुजम्मिल के पास से भी भारी मात्रा में विस्फोटक और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण मिले थे। पुलिस को शक है कि शुरुआती गिरफ्तारियों से घबराकर ही आतंकियों ने जल्दबाजी में आत्मघाती हमला कर दिया ताकि जांच की दिशा भटकाई जा सके।
फिलहाल पुलिस और एनआईए की टीमें गिरफ्तार संदिग्धों से पूछताछ कर रही हैं ताकि इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों की पहचान की जा सके। सुरक्षा एजेंसियों ने दिल्ली-एनसीआर और आस-पास के राज्यों में हाई अलर्ट जारी कर दिया है, जबकि सभी बड़े धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सुरक्षा और बढ़ा दी गई है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel