आंध्र प्रदेश में माओवादी गतिविधियों के खिलाफ जारी कड़े अभियान के बीच पुलिस ने विजयवाड़ा, कृष्णा ज़िला, एलुरु और काकीनाडा में एक साथ सर्च ऑपरेशन चलाकर कुल 31 माओवादियों को गिरफ्तार किया, जिनमें छत्तीसगढ़ के कुछ वरिष्ठ माओवादी नेता भी शामिल बताए जा रहे हैं। न्यू ऑटोनगर, विजयवाड़ा की एक चार मंजिला इमारत से 27 माओवादी एक साथ पकड़े गए, जिनमें अधिकांश महिलाएँ थीं और सभी ने संदेह से बचने के लिए मज़दूरों का भेष धारण किया हुआ था। एलुरु में भी 15 संदिग्धों की मौजूदगी की सूचना पर छापेमारी की गई। सुरक्षा एजेंसियों को पिछले कुछ हफ्तों से सूचना मिल रही थी कि छत्तीसगढ़ में बढ़ती एंटी-माओवादी कार्रवाई के दबाव में कई माओवादी आंध्र प्रदेश में शरण लेने लगे हैं, खासकर उन इलाकों में जहाँ प्रवासी मज़दूर बड़ी संख्या में रहते हैं ताकि आसानी से पहचान छिपाई जा सके।
अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (खुफिया) महेश चंद्र लड्ढा ने बताया कि पुलिस पिछले एक महीने से माओवादी नेटवर्क, आवाजाही और सपोर्ट सिस्टम पर नज़र रखे हुए थी। जैसे ही ठोस इनपुट मिला, बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस बीच, यह अभियान हाल ही में आंध्र–ओडिशा सीमा के जंगलों में हुए ऑपरेशन से भी जुड़ा माना जा रहा है, जिसमें शीर्ष कमांडर एवं CPI–माओवादी केंद्रीय समिति सदस्य हिडमा, उसकी पत्नी राजी सहित छह माओवादी मारे गए थे। अधिकारियों का मानना है कि माओवादियों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए स्थानीय किराएदारों के बीच घुलने-मिलने और मज़दूरों की तरह रहने की रणनीति अपनाई थी।
पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि गिरफ्तार माओवादी किस उद्देश्य से शहरी इलाकों में छिपकर रह रहे थे, क्या वे किसी हमले की योजना बना रहे थे, या फिर यह संगठन की पुनर्गठन रणनीति का हिस्सा था। साथ ही, पुलिस इमारत मालिकों व उन लोगों से भी पूछताछ कर रही है जिन्होंने उन्हें रहने की जगह, भोजन और अन्य मदद उपलब्ध कराई। हथियारों और विस्फोटक की बरामदगी को लेकर अभी सत्यापन जारी है, जबकि अभियान को उच्च सतर्कता स्तर पर आगे भी जारी रखा गया है।
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