गुजरात पुलिस ने देश की आंतरिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एक बड़ा और रणनीतिक कदम उठाया है। दिल्ली बम धमाके और गुजरात ATS द्वारा देश विरोधी तत्वों की गिरफ्तारी के बाद प्रदेश में खतरे की आशंका को देखते हुए राज्य के DGP विकास सहाय ने 100 घंटे के अंदर राज्य में देश-विरोधी गतिविधियों में शामिल रहे आरोपियों का वेरिफिकेशन कराने का आदेश दिया।
इस मिशन के तहत पिछले 30 वर्षों में UAPA, TADA, NDPS, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक एक्ट और फेक करेंसी जैसे गंभीर अपराधों में पकड़े गए 31,834 आरोपियों की पहचान कर उनके घर-घर जाकर वर्तमान स्थिति और गतिविधियों की जांच की गई। इस ऑपरेशन को पूरे राज्य के पुलिस अफसरों और स्टेशनों ने तय समय में पूरा किया, जो सुरक्षा दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
जांच के दौरान सामने आया कि इन 31,834 आरोपियों में से 2,326 की मौत हो चुकी है, 11,880 आरोपी वर्तमान में सक्रिय रूप से अपने ज्ञात पते पर मौजूद हैं और इनके विस्तृत डोजियर तैयार हो चुके हैं। वहीं 3,744 आरोपी ऐसे पाए गए जिन्होंने अपना पता बदला है, जिन्हें अब नए पते के आधार पर ट्रैक किया जाएगा। इसके अलावा 4,506 आरोपी गुजरात के बाहर निवास कर रहे हैं, जिनकी निगरानी के लिए दूसरे फेज में विशेष SOP बनाई जाएगी और अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ समन्वय कर आगे कार्रवाई की जाएगी। यह अभियान न केवल अब तक का सबसे तेज वेरिफिकेशन ऑपरेशन माना जा रहा है, बल्कि यह भी सुनिश्चित करेगा कि कोई भी संदिग्ध गतिविधि, आतंकी नेटवर्क या संगठित आपराधिक तंत्र दुबारा जड़ न जमा सके।
राज्य सरकार और पुलिस का मानना है कि इस प्रकार की इंटेलिजेंस और निगरानी व्यवस्था सुरक्षा को अटूट बनाएगी और राज्य को किसी भी संभावित आतंकी खतरे से पहले ही सुरक्षित कर सकेगी। इस ऑपरेशन का दूसरा चरण जल्द शुरू होने वाला है, जिसमें राज्य के बाहर मौजूद आरोपियों की लोकेशन, गतिविधियों और नेटवर्क पर नजर रखते हुए ठोस एक्शन लिया जाएगा, ताकि देश विरोधी तत्वों पर स्थाई और सख्त नियंत्रण कायम रहे।
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