कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी कोटा नीलिमा ने शनिवार (20 दिसंबर 2025) को लोकप्रिय OSINT हैंडल ‘द हॉक आई’ चलाने वाले एक स्वतंत्र रिसर्चर पर गंभीर आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। कोटा नीलिमा, जो 2023 में तेलंगाना विधानसभा चुनाव हार चुकी हैं, ने कहा कि उनके खिलाफ सोशल मीडिया पर जानबूझकर झूठी और मानहानिकारक जानकारी फैलाई जा रही है।
यह विवाद उस समय सामने आया जब ‘द हॉक आई’ ने कॉन्ग्रेस पार्टी पर विदेशी फंडिंग से जुड़े एक कथित नेटवर्क का नेतृत्व करने का आरोप लगाते हुए एक लंबा थ्रेड पोस्ट किया। इस थ्रेड में कोटा नीलिमा को एक प्रमुख कड़ी के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिस पर उन्होंने कड़ी आपत्ति जताई।

कोटा नीलिमा ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “इस थ्रेड में जाँच के नाम पर फैलाई जा रही इस मानहानिकारक बकवास से मैं स्तब्ध हूँ। यह जानबूझकर फैलाया गया झूठ है, जिसे मेरी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के इरादे से प्रकाशित किया गया है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि थ्रेड में कही गई हर बात झूठी और दुर्भावनापूर्ण है।
उन्होंने आगे चेतावनी देते हुए लिखा कि लेखक, प्रकाशक और इसे जानबूझकर प्रसारित करने वाले सभी लोगों के खिलाफ तुरंत आपराधिक कार्रवाई शुरू की जा रही है और कानून के तहत कड़ी सजा दिलाने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी।
Instead of threatening legal action, why not explain, Madam @KotaNeelima, why PROTO founder Nasr ul Hadi featured your profile on PROTO’s homepage for years, prominently displayed alongside his own profile?#RebuttalThread ++
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) December 21, 2025
पूरा मामला शनिवार (20 दिसंबर 2025) को तब शुरू हुआ, जब ‘द हॉक आई’ ने 20 ट्वीट्स का एक विस्तृत थ्रेड पोस्ट किया। इसमें कॉन्ग्रेस पार्टी, विदेशी फंडिंग और अमेरिका तथा इस्लामी कट्टरपंथ से जुड़े कथित मीडिया-नैरेटिव तंत्र के बीच संबंधों का दावा किया गया। इस थ्रेड में कोटा नीलिमा को मुख्य चेहरे के रूप में दिखाया गया, जो दिल्ली स्थित PROTO नाम की कंपनी से जुड़ी बताई गई हैं।
EXCLUSIVE CONTENT 🚨
Congress. Foreign-Funding. Media. Narrative.
The man character of this story influence the media-narrative in India, controlled by US & Jamaat elements.
At the centre of it – Congress spox Pawan Khera'a wife Neelima Kota.
— The Hawk Eye (@thehawkeyex) December 20, 2025
OSINT रिसर्चर के अनुसार, PROTO यह तय करने में भूमिका निभाती है कि किन भारतीय पत्रकारों को अमेरिकी खुफिया एजेंसियों से फंडिंग मिल सकती है। ‘द हॉक आई’ का दावा है कि इस कंपनी की स्थापना 2018 में इंटरनेशनल सेंटर फॉर जर्नलिस्ट्स (ICJF) ने की थी, जिसका उद्देश्य दुनियाभर के पत्रकारों तक विदेशी फंडिंग पहुँचाना था।
थ्रेड में यह भी आरोप लगाया गया कि ICJF को जॉर्ज सोरोस, उनकी ओपन सोसायटी फाउंडेशन और USAID से फंडिंग मिलती है। इसके अलावा दावा किया गया कि PROTO के संस्थापक का भाई जमात-ए-इस्लामी हिंद से जुड़ा रहा है और उसने CAA विरोधी प्रदर्शनों में भी भाग लिया था।
OSINT रिसर्चर ने यह भी कहा कि यह पूरा नेटवर्क भारत में कथित रूप से “सत्ता परिवर्तन” के लिए एक सुनियोजित रणनीति के तहत काम कर रहा है, जिसमें ICFJ और PROTO के जरिए कोटा नीलिमा से जुड़े पत्रकारों को फंडिंग दी जाती है। आरोप यह भी है कि ऐसे पत्रकारों द्वारा प्रकाशित भारत-विरोधी खबरों को कॉन्ग्रेस पार्टी आगे बढ़ाती है। ‘द हॉक आई’ ने इस पूरे मामले की आधिकारिक जाँच की मांग करते हुए कहा कि कॉन्ग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा की पत्नी का PROTO जैसे संगठन से जुड़ाव अपने आप में गंभीर सवाल खड़े करता है।
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