बांग्लादेश की राजधानी ढाका में पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के जनाज़े के दौरान भारत और पाकिस्तान के शीर्ष नेताओं के बीच एक अहम मुलाकात देखने को मिली। इस मौके पर भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर और पाकिस्तान नेशनल असेंबली के स्पीकर अयाज सादिक आमने-सामने आए। यह मुलाकात खास इसलिए मानी जा रही है क्योंकि ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार दोनों देशों के प्रतिनिधि सार्वजनिक रूप से एक ही मंच पर दिखाई दिए।
डॉ. एस. जयशंकर और अयाज सादिक की यह संक्षिप्त बातचीत कूटनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है। हालांकि इसे औपचारिक द्विपक्षीय बैठक नहीं बताया गया, लेकिन तनावपूर्ण भारत-पाक संबंधों के बीच इस तरह की सार्वजनिक मौजूदगी को प्रतीकात्मक रूप से अहम माना जा रहा है।
Ayaz Sadiq of Qureshi's 'par kamp rahe they' comment:
Context: He detailed how in 2019, India has warned of response if it's soldier Abhinandan is not released & then Pak FM was shakinghttps://t.co/y7kEipqiUZ
— Sidhant Sibal (@sidhant) December 31, 2025
अयाज सादिक पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज़ (PML-N) के वरिष्ठ नेता हैं और वर्तमान में पाकिस्तान की नेशनल असेंबली के स्पीकर हैं। वे इससे पहले भी भारत-पाक संबंधों से जुड़े एक अहम बयान को लेकर सुर्खियों में रह चुके हैं।
दरअसल, फरवरी 2019 में भारतीय वायुसेना के पायलट कैप्टन अभिनंदन वर्धमान की रिहाई के बाद अयाज सादिक ने तत्कालीन पाकिस्तानी आर्मी चीफ जनरल क़मर जावेद बाजवा को लेकर तीखी टिप्पणी की थी। उन्होंने दावा किया था कि अभिनंदन की रिहाई को लेकर हुई बैठक के दौरान सेना प्रमुख घबराए हुए थे और उनके “पैर कांप रहे थे।” इस बयान के बाद पाकिस्तान की राजनीति में काफी विवाद खड़ा हो गया था।
ढाका में हुई यह मुलाकात भले ही औपचारिक न रही हो, लेकिन दोनों देशों के नेताओं की एक ही कार्यक्रम में मौजूदगी और आपसी अभिवादन को क्षेत्रीय राजनीति के लिहाज़ से अहम संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
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