दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में पुलिस टीम पर हुए पथराव के मामले में जांच तेज कर दी गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। पुलिस अब इस हिंसा के पीछे की साजिश और माहौल बिगाड़ने वालों की भूमिका की गहराई से जांच कर रही है।
जांच के तहत दिल्ली पुलिस की एक टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को भी खंगाल रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि घटना वाले दिन किन लोगों ने सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ कंटेंट फैलाकर हालात को बिगाड़ा। इस दौरान पुलिस ने 10 सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स की एक सूची तैयार की है, जिन पर आरोप है कि उन्होंने अपने पोस्ट और वीडियो के जरिए लोगों को उकसाया।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जिन सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर्स के नाम सामने आए हैं, उनमें खालिद मलिक, सईद उमैर अली, आमे रिजवी और सलमान खान प्रमुख रूप से शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी को नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया है। बताया जा रहा है कि आमे रिजवी जामिया इलाके में रहती है। पुलिस ने साफ किया है कि सभी को जल्द से जल्द जांच में शामिल होना होगा।
इस मामले में अब तक 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस हिंसा में किसी राजनीतिक व्यक्ति की भूमिका रही है। सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में समाजवादी पार्टी के एक सांसद भी हैं और उनकी भूमिका की पड़ताल की जा रही है।
#WATCH | फैज़-ए-इलाही मस्जिद के पास पत्थरबाजी का मामला | दिल्ली: DCP निधिन वलसन ने कहा, "हमने पुलिस की तैनाती की है। हर शुक्रवार को पुलिस की तैनाती की जाती है।
पिछले दिनों जो घटना हुई थी, उसके कारण अतिरिक्त पुलिस बल को तैनात किया गया है…पुरानी दिल्ली के सभी मस्जिदों में जैसे… pic.twitter.com/OVC4dePgMg
— One India News (@oneindianewscom) January 9, 2026
इस बीच, तुर्कमान गेट इलाके की फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास हुई हिंसा से जुड़ा एक और वीडियो सामने आया है। पुलिस के अनुसार, यह वीडियो अली नाम के एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में वह कथित तौर पर “मुसलमान जागो” जैसे नारे लगाते हुए मस्जिद गिराए जाने की अफवाह फैलाता नजर आ रहा है। इसके बाद भीड़ बैरिकेड हटाकर आगे बढ़ी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया गया।
पुलिस का कहना है कि अली इससे पहले भी पुरानी दिल्ली इलाके में ‘लव जिहाद’ को लेकर कॉल दे चुका है। उस समय भी पुलिस ने उसे चेतावनी दी थी, क्योंकि बिना अनुमति ऐसी कॉल देने से बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई थी। अली के इंस्टाग्राम अकाउंट पर कई उकसाने वाले वीडियो पाए गए हैं, जिनमें वह भीड़ को जुटाने और भड़काने की कोशिश करता दिखता है।
जांच में यह भी सामने आया है कि तुर्कमान गेट हिंसा केस में यूट्यूबर सलमान की भूमिका की भी गहन जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि सलमान ने सोशल मीडिया के जरिए लोगों को इलाके में इकट्ठा होने के लिए उकसाया था। पुलिस उसकी तलाश तेज कर चुकी है।
इसके अलावा, जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इलाके के कुछ प्रभावशाली लोगों ने अपने-अपने व्हाट्सएप ग्रुप्स के जरिए लोगों को एकत्र होने के लिए उकसाया। पुलिस का कहना है कि इन सभी का मकसद माहौल खराब करना और प्रशासन व पुलिस के काम में बाधा डालना था। मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
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