उत्तर प्रदेश के लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में हिंदू महिला डॉक्टर से लव जिहाद और धर्मांतरण के मामले में आरोपी डॉक्टर रमीज के फोन और लैपटॉप से पुलिस को महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं। शुरुआती जांच में पता चला कि रमीज ने अपने डिजिटल डिवाइस में ‘जन्नत’ नामक फोल्डर बनाकर हिंदू लड़कियों का डेटा, आपत्तिजनक वीडियो और उनके संपर्क नंबर सहेज रखे थे।
जाँच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी पिछले 13 वर्षों से अपनी गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड रख रहा था। इसमें मुस्लिम युवाओं को फँसाने के लिए कथित तौर पर कॉल गर्ल्स के नंबरों की सूची भी शामिल थी। पुलिस को आशंका है कि इसका इस्तेमाल ब्लैकमेलिंग, दबाव बनाने और धर्मांतरण से जुड़े नेटवर्क को आगे बढ़ाने में किया जाता था।
पुलिस ने बताया कि आरोपी का प्रभाव KGMU के मेडिकोज़ ग्रुप और मेडिकल छात्रों तक फैला हुआ था, जिसका इस्तेमाल नेटवर्क फैलाने में किया जाता था। लैपटॉप से लगभग 50 से अधिक युवतियों के वीडियो, अश्लील सामग्री और संदिग्ध संपर्कों की जानकारी बरामद हुई है। आरोपी ने कुछ मददगारों के नाम भी बताए हैं, जिनकी भूमिका की जांच जारी है।
जाँच में सामने आया कि रमीज ने कॉल गर्ल्स का भी अलग फोल्डर बना रखा था, जिसमें उनके नाम, नंबर और अन्य जानकारियाँ संग्रहीत थीं। पुलिस का कहना है कि इन कॉल गर्ल्स का इस्तेमाल वह अपने धर्मांतरण रैकेट में मुस्लिम युवाओं को फँसाने के लिए करता था। इसके अलावा आरोपी अपने मोबाइल से कई चैट और फोन नंबर डिलीट कर चुका था, जिसे फॉरेंसिक टीम रिकवर करने में जुटी है।
पुलिस ने आरोपी से नेपाल बॉर्डर कनेक्शन, फरारी के दौरान किस शहरों में गया और किन लोगों की मदद ली, इन सब पर सवाल किए। हालांकि, कई अहम बिंदुओं पर आरोपी चुप्पी साधे रहा। इसके अलावा आगरा के डॉक्टर परवेज से संबंधों को लेकर भी उसने कोई स्पष्ट जवाब नहीं दिया।
चौक पुलिस ने रमीज को 48 घंटे की रिमांड पर लेकर करीब 120 सवालों के जरिए गहन पूछताछ की। आरोपी की निशानदेही पर दो लैपटॉप और मोबाइल फोन बरामद किए गए। STF भी मामले की जांच में शामिल है। फिलहाल फॉरेंसिक और तकनीकी जांच तेज कर दी गई है।
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