टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2025 की रिपोर्ट में अहमदाबाद को दुनिया के 492 शहरों में 100वां स्थान मिला है। रिपोर्ट के अनुसार, शहर में ट्रैफिक जाम के कारण लोगों का समय तेजी से बढ़ रहा है। साल 2025 में एक अहमदाबादी ड्राइवर ने औसतन 106 घंटे ट्रैफिक में बिताए, जबकि 2024 में यह समय 73 घंटे था। इस तरह एक साल में ट्रैफिक में बर्बाद होने वाला समय करीब 45 प्रतिशत बढ़ गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, अहमदाबाद में ट्रैफिक की स्थिति दिन के अलग-अलग समय में काफी बदल जाती है। सुबह 7 बजे 10 किलोमीटर की दूरी तय करने में औसतन 22 मिनट लगते हैं, जबकि पीक आवर्स में यही दूरी सुबह 11 बजे करीब 32 मिनट और शाम 7 बजे लगभग 34 मिनट में पूरी होती है। शहर में औसत कंजेशन लेवल 49 प्रतिशत दर्ज किया गया है, यानी सामान्य हालात की तुलना में लोगों को लगभग आधा समय ज्यादा ट्रैफिक में बिताना पड़ रहा है।
टॉमटॉम इंडेक्स के अनुसार, कंजेशन के मामले में अहमदाबाद भारत में 10वें स्थान पर है। यह इंडेक्स GPS डेटा पर आधारित रियल-टाइम ड्राइविंग स्पीड के आधार पर तैयार किया गया है, जिससे शहरों में वास्तविक ट्रैफिक स्थिति का आकलन किया जाता है।
| ट्रैफिक नियम उल्लंघन | 2024 में केस | 2025 में केस | बढ़ोतरी / कमी |
|---|---|---|---|
| सिग्नल उल्लंघन | 2,92,093 | 63,425 | −2,28,668 |
| खतरनाक पार्किंग | 2,52,329 | 5,36,159 | +2,83,830 |
| रॉन्ग साइड / वन-वे | 45,446 | 1,77,474 | +1,32,028 |
| हेलमेट न पहनना | 10,10,823 | 26,88,875 | +16,78,052 |
| ड्राइविंग सीट / पैसेंजर | 5,219 | 21,331 | +16,112 |
| सीट बेल्ट न पहनना | 77,926 | 80,861 | +2,935 |
| मोबाइल का उपयोग | 15,243 | 21,156 | +5,913 |
| ओवर स्पीड | 22,904 | 78,102 | +55,198 |
| शराब पीकर वाहन चलाना | 29,398 | 30,675 | +1,277 |
| लाइसेंस नहीं होना | 32,209 | 27,576 | −4,633 |
| नाबालिग वाहन चलाना | 11 | 5,835 | +5,824 |
रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि अहमदाबाद में औसतन 15 मिनट में केवल 5 किलोमीटर की दूरी तय हो पाती है। तुलना करें तो दुनिया के सबसे अधिक ट्रैफिक वाले शहरों में शामिल कैलिफ़ोर्निया में इसी समय में लगभग 17 किलोमीटर की दूरी तय की जा सकती है। अहमदाबाद में सुबह के समय गाड़ियों की औसत रफ्तार 28 से 30 किलोमीटर प्रति घंटा रहती है, जो शाम के वक्त ट्रैफिक बढ़ने के कारण घटकर करीब 18 किलोमीटर प्रति घंटा रह जाती है। सुबह के समय ट्रैफिक में छूट का फायदा 63 प्रतिशत और शाम को 77 प्रतिशत तक होता है।
दिलचस्प बात यह है कि ट्रैफिक जाम में मामूली कमी के बावजूद अहमदाबाद की रैंकिंग गिरी है। टॉमटॉम ट्रैफिक इंडेक्स 2024 में शहर 43वें स्थान पर था, लेकिन 2025 में यह 100वें स्थान पर आ गया। रिपोर्ट के अनुसार, जाम में 3.8 प्रतिशत की कमी आई है, लेकिन अन्य शहरों की तुलना में कंजेशन लेवल के मामूली अंतर के कारण रैंकिंग नीचे खिसक गई।
इस बीच शहर में ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। एक साल में नियम तोड़ने के मामलों में करीब 19 लाख की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024 में जहां 21,15,721 मामले सामने आए थे, वहीं 2025 में यह संख्या बढ़कर 40,18,787 हो गई। इस दौरान करीब 40 लाख वाहन चालकों पर कुल 262 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, सबसे ज्यादा मामले हेलमेट न पहनने से जुड़े रहे। 26.88 लाख वाहन चालकों पर इस नियम के उल्लंघन में 134.44 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया। इसके अलावा 2025 में 18 साल से कम उम्र के 5,835 नाबालिग वाहन चलाते हुए पकड़े गए, जबकि 2024 में यह संख्या सिर्फ 11 थी। गलत साइड में वाहन चलाने की घटनाएं भी ट्रैफिक बढ़ने का बड़ा कारण बन रही हैं।
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