ईरान में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने अपने नागरिकों के लिए हाई-अलर्ट जारी करते हुए तुरंत देश छोड़ने की सलाह दी है। शुक्रवार को वर्चुअल अमेरिकी दूतावास (US Virtual Embassy) ने एडवाइजरी जारी कर कहा कि सुरक्षा हालात तेजी से बिगड़ रहे हैं, जिसके चलते अमेरिकी नागरिक जल्द से जल्द सुरक्षित तरीके से ईरान से बाहर निकलने की योजना बनाएं। एडवाइजरी में बताया गया कि कई इलाकों में सड़कों की बंदी, ट्रांसपोर्ट बाधित होने और इंटरनेट सेवाओं पर पाबंदी जैसी परिस्थितियां सामने आ रही हैं।
अमेरिकी दूतावास के अनुसार, ईरान सरकार मोबाइल और लैंडलाइन इंटरनेट नेटवर्क को लगातार ब्लॉक कर रही है, जिससे संचार व्यवस्था प्रभावित हो रही है। कई अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस ने ईरान आने-जाने वाली फ्लाइट्स कम कर दी हैं या पूरी तरह रद्द कर दी हैं। नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि इंटरनेट बंद होने की स्थिति के लिए तैयार रहें और वैकल्पिक संचार माध्यमों का इस्तेमाल करें। अगर स्थिति सुरक्षित हो, तो सड़क मार्ग से आर्मेनिया या तुर्की की तरफ निकलने की सलाह दी गई है।
अमेरिका ने ईरान में मौजूद सभी अमेरिकी नागरिकों को तुरंत देश छोड़ने की चेतावनी जारी की है।
यूएस वर्चुअल एम्बेसी ने सुरक्षा अलर्ट में कहा कि आतंकवाद, अशांति, अपहरण और मनमानी हिरासत के खतरे के कारण ईरान न जाएं और अगर वहां हैं तो अब ही निकलें।
इंटरनेट ब्लैकआउट,… pic.twitter.com/yBv8yR1WZW
— One India News (@oneindianewscom) February 6, 2026
एडवाइजरी में साफ कहा गया है कि नागरिक अपने निकासी प्लान के लिए अमेरिकी सरकार की मदद पर निर्भर न रहें और स्वयं व्यवस्था करें। लोगों को लगातार अपनी एयरलाइन से संपर्क में रहने, घर या सुरक्षित स्थान पर रहने, आवश्यक खाद्य सामग्री, पानी और दवाइयों का स्टॉक रखने तथा प्रदर्शनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। साथ ही फोन चार्ज रखने और लो-प्रोफाइल बनाए रखने पर जोर दिया गया है।
दोहरी नागरिकता रखने वालों के लिए चेतावनी भी जारी की गई है। अमेरिकी अधिकारियों ने कहा कि अमेरिका और ईरान दोनों की नागरिकता रखने वाले लोगों को ईरानी पासपोर्ट पर ही बाहर निकलना होगा, क्योंकि ईरान दोहरी नागरिकता को मान्यता नहीं देता। अमेरिकी पासपोर्ट दिखाने या अमेरिका से संबंध होने पर गिरफ्तारी का खतरा भी जताया गया है।
बॉर्डर क्रॉसिंग विकल्पों की बात करें तो आर्मेनिया का आगरक/नोरदुज बॉर्डर खुला है और अमेरिकी नागरिकों को वहां 180 दिनों तक वीजा-फ्री एंट्री मिल सकती है। तुर्की के गुरबुलक, कापिकोय और एसेंदेरे बॉर्डर भी खुले हैं, जहां 90 दिनों तक बिना वीजा प्रवेश संभव है। तुर्कमेनिस्तान जाने के लिए विशेष अनुमति जरूरी है, जबकि अजरबैजान के जमीनी बॉर्डर आम ट्रैफिक के लिए बंद हैं।
इस बीच तनाव के बावजूद कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ओमान की राजधानी मस्कट में न्यूक्लियर डील को लेकर आमने-सामने बातचीत करने पहुंचे हैं। जून में ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमलों के बाद यह पहली हाई-लेवल बैठक मानी जा रही है। हालांकि एजेंडे को लेकर मतभेद कायम हैं—अमेरिका बैलिस्टिक मिसाइल और क्षेत्रीय गतिविधियों पर भी चर्चा चाहता है, जबकि ईरान बातचीत को सिर्फ परमाणु कार्यक्रम तक सीमित रखना चाहता है।
पश्चिमी देशों की चिंता इस बात को लेकर बढ़ रही है कि ईरान यूरेनियम संवर्धन को उच्च स्तर तक ले जा रहा है, जिससे परमाणु हथियार क्षमता बढ़ सकती है। ऐसे माहौल में ओमान एक बार फिर मध्यस्थ की भूमिका निभाते हुए दोनों देशों के बीच बातचीत की मेजबानी कर रहा है।
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