बांग्लादेश में शेख हसीना की सरकार गिरने के बाद पहली बार आम चुनाव कराए जा रहे हैं। गुरुवार (12 फरवरी 2026) को मतदान के दौरान कई इलाकों से हिंसा और बम धमाकों की खबरें सामने आई हैं, जिससे चुनावी माहौल तनावपूर्ण हो गया है। गोपालगंज, मुंशीगंज और खुलना समेत कई जिलों में घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गोपालगंज और मुंशीगंज में बम धमाके
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, गोपालगंज सदर इलाके में एक पोलिंग बूथ के बाहर देसी बम फेंका गया, जिसमें दो अंसार जवान (अर्द्धसैनिक बल) और एक 14 साल की लड़की घायल हो गई। वहीं मुंशीगंज-3 क्षेत्र में भी बम धमाके के बाद कुछ समय के लिए मतदान रोकना पड़ा, हालांकि बाद में वोटिंग दोबारा शुरू कर दी गई।
मतदान केंद्र पर कोई मतदाता नहीं, केवल BNP और जमात कार्यकर्ता मौजूद!
ढाका के मोनिपुर गर्ल्स स्कूल मतदान केंद्र पर तनाव की स्थिति, जहां कोई आम मतदाता नजर नहीं आ रहा है।
केवल बीएनपी और जमात-ए-इस्लामी के कार्यकर्ता जमीन पर सक्रिय हैं।
सूत्रों के अनुसार, अब मतपत्र छीनने और बैलट… pic.twitter.com/rd2nDzuiti
— One India News (@oneindianewscom) February 12, 2026
खुलना में झड़प, BNP नेता की मौत
खुलना जिले में जमात-ए-इस्लामी और बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प के दौरान BNP नेता मोहिबुज्जमान कोच्चि की मौत हो गई। BNP ने आरोप लगाया कि उन्हें धक्का दिया गया, जबकि जमात-ए-इस्लामी का कहना है कि उनकी मौत हार्ट अटैक से हुई।
राजनीतिक दृष्टि से अहम चुनाव
2024 में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद यह चुनाव बांग्लादेश की राजनीति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इस बार मुख्य मुकाबला BNP और 11 दलों के गठबंधन का नेतृत्व कर रही जमात-ए-इस्लामी के बीच बताया जा रहा है।
चुनाव के दौरान हुई हिंसा ने देश में सुरक्षा और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।
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