सूरत जिले के कामरेज-चोर्यासी टोल प्लाजा पर देश का पहला ‘बैरियरलेस टोलिंग सिस्टम’ शुरू किया गया है। इस हाईटेक टोल प्लाजा का शुभारंभ रात 12 बजे किया गया, जिससे अब वाहन चालकों को टोल पर रुकने या बैरियर खुलने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
इस आधुनिक सिस्टम में ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन (ANPR) तकनीक और FASTag का उपयोग किया गया है। टोल प्लाजा की 8 लेन पर कुल 32 हाई-रिज़ॉल्यूशन CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जो 20 मीटर की दूरी से ही वाहनों के नंबर प्लेट और FASTag को स्कैन कर लेते हैं।
नई तकनीक के जरिए टोल टैक्स सीधे वाहन मालिक के FASTag अकाउंट से कट जाएगा। इतना ही नहीं, ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन होने पर तुरंत ई-चालान भी जनरेट हो जाएगा।
भारत का पहला बैरियर-रहित टोल सिस्टम सूरत के चोरयासी टोल प्लाजा पर शुरू हो गया।#BarrierlessToll #SuratTollPlaza #ChoryasiToll #IndiaFirstToll #NHAI
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— One India News (@oneindianewscom) May 1, 2026
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) द्वारा शुरू किया गया यह सिस्टम पूरी तरह से कॉन्टैक्टलेस और मानव रहित है। करीब दो महीने की टेस्टिंग के बाद इसे लागू किया गया है।
इस पहल से:
- टोल पर लगने वाली लंबी लाइनों से छुटकारा मिलेगा
- समय और ईंधन की बचत होगी
- वाहन बिना रुके 80 किमी/घंटा की स्पीड से गुजर सकेंगे
NHAI का अनुमान है कि इस सिस्टम से सालाना 1500 करोड़ रुपये का ईंधन बचेगा और 6000 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा।
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक देश के 1050 से अधिक टोल प्लाजा को AI आधारित मल्टी-फ्री फ्लो सिस्टम में बदला जाए।
यह पहल भारत के सड़क परिवहन सिस्टम में डिजिटल क्रांति की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।
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