भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर सबसे बड़ा वैश्विक सम्मेलन 16 फरवरी से शुरू हो गया है. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) द्वारा आयोजित इस AI समिट में दुनियाभर की प्रमुख टेक कंपनियों और राजनीतिक नेतृत्व की भागीदारी देखने को मिल रही है. Google और Alphabet के CEO सुंदर पिचाई, OpenAI के CEO सैम ऑल्टमैन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों जैसे बड़े नाम इस कार्यक्रम का हिस्सा बने हैं. राजधानी दिल्ली में आयोजित यह समिट ग्लोबल साउथ में होने वाला पहला बड़ा AI सम्मेलन माना जा रहा है.
ग्लोबल लीडर्स करेंगे भविष्य की AI टेक्नोलॉजी पर चर्चा
AI के इस अंतरराष्ट्रीय मंच पर तकनीक के भविष्य, एआई गवर्नेंस, सुरक्षा और एथिकल उपयोग जैसे अहम विषयों पर चर्चा होगी. इस समिट को तीन प्रमुख पिलर्स — People, Planet और Progress — के आधार पर डिजाइन किया गया है. इसके तहत AI के सामाजिक प्रभाव, पर्यावरणीय संतुलन और तकनीकी विकास पर केंद्रित सत्र आयोजित किए जा रहे हैं.
#WATCH | Delhi | On being asked about NVIDIA CEO Jensen Huang not attending India AI Impact Summit, Union Minister Ashwini Vaishnaw says, "Mr Jensen Huang reached out to us and said that due to something really unavoidable, he has deputed his very senior executive to join us.… pic.twitter.com/b7UTJLvg68
— ANI (@ANI) February 17, 2026
5 दिन तक चलने वाले इस मेगा इवेंट में करीब 700 से ज्यादा सेशन प्लान किए गए हैं. इसमें एआई सेफ्टी, डेटा प्रोटेक्शन, गवर्नेंस मॉडल्स और जिम्मेदार AI के इस्तेमाल पर विशेषज्ञों द्वारा विचार साझा किए जाएंगे. सात वर्किंग ग्रुप्स के साथ-साथ ग्लोबल नॉर्थ और ग्लोबल साउथ की संयुक्त अध्यक्षता इस समिट की खासियत है.
पहले भी हो चुके हैं अंतरराष्ट्रीय AI समिट
इससे पहले पहला AI सेफ्टी समिट 2023 में यूनाइटेड किंगडम के ब्लेचली पार्क में आयोजित किया गया था. इसके बाद 2024 में दक्षिण कोरिया की राजधानी सियोल में दूसरा AI सम्मेलन हुआ, जबकि पिछले साल फरवरी में पेरिस में AI इम्पैक्ट समिट आयोजित किया गया था. भारत में आयोजित यह संस्करण विकासशील देशों के लिए खास महत्व रखता है.
AI सेक्टर में तेजी से उभर रहा भारत
भारत AI के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है. सरकार ने IndiaAI Mission के तहत 10,372 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य देश में व्यापक AI इकोसिस्टम तैयार करना है. इसके तहत 38,000 से ज्यादा GPU ऑर्डर किए गए हैं, जिनका उपयोग 12 से अधिक AI मॉडल्स को ट्रेन करने में किया जाएगा. साथ ही, AI टैलेंट और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए कई पहलें शुरू की गई हैं.
भारत के लिए क्यों अहम है यह समिट
विशेषज्ञों का मानना है कि इस AI समिट से भारत को टेक्नोलॉजी लीडरशिप मजबूत करने, वैश्विक साझेदारी बढ़ाने और जिम्मेदार AI विकास के लिए नई दिशा मिल सकती है. साथ ही, इससे स्टार्टअप इकोसिस्टम, रिसर्च और डिजिटल अर्थव्यवस्था को भी बड़ा लाभ मिलने की उम्मीद है.
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel