National Investigation Agency (NIA) ने भारत के खिलाफ आतंकी गतिविधियों की साजिश रचने के आरोप में 7 विदेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।
इनमें 6 Ukraine के और 1 United States का नागरिक शामिल है।
इन सभी को Delhi, Lucknow और Kolkata के एयरपोर्ट से पकड़ा गया।
म्यांमार में उग्रवादियों को ट्रेनिंग का खुलासा
Mizoram के मुख्यमंत्री Lalduhoma ने भी विधानसभा में खुलासा किया कि अमेरिका और ब्रिटेन सहित कई विदेशी नागरिक मिजोरम के रास्ते Myanmar जाकर उग्रवादी समूहों को हथियारों की ट्रेनिंग दे रहे हैं।
बताया गया कि इनमें से कुछ लोग Russia-Ukraine War में भी शामिल रह चुके हैं।
ड्रोन सप्लाई और हथियार नेटवर्क
NIA की जांच में सामने आया है कि ये आरोपी यूरोप से ड्रोन की बड़ी खेप मंगाकर भारत के रास्ते म्यांमार के विद्रोही समूहों को सप्लाई कर रहे थे।
ये समूह भारतीय उग्रवादियों से भी जुड़े बताए जा रहे हैं।
नियमों का उल्लंघन कर पहुंचे मिजोरम
जांच एजेंसी के अनुसार, सभी आरोपी वैध वीजा पर भारत आए थे, लेकिन उन्होंने अनिवार्य Restricted Area Permit (RAP) के बिना मिजोरम में प्रवेश किया।
इसके बाद वे सीमा पार कर म्यांमार में भारत विरोधी संगठनों से मिले।
कोर्ट ने बढ़ाई हिरासत
मामले की सुनवाई Patiala House Court में हुई, जहाँ अदालत ने आरोपितों की हिरासत 27 मार्च तक बढ़ा दी है।
NIA अब फंडिंग के स्रोत, डिजिटल डेटा और सोशल मीडिया अकाउंट्स की जांच कर रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा किया जा सके।
जांच जारी, बड़े नेटवर्क का शक
जांच एजेंसी को आशंका है कि इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क में और भी लोग शामिल हो सकते हैं।
भारत में मौजूद इनके संभावित सहयोगियों और विदेशी हैंडलर्स की पहचान की जा रही है।
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