मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच Strait of Hormuz में फंसे भारतीय जहाजों को लेकर बड़ी अपडेट सामने आई है। भारत के कम से कम 22 जहाज इस समय होर्मुज जलडमरूमध्य में फंसे हुए हैं, जिनमें से 20 जहाज देश की ऊर्जा सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताए जा रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री Narendra Modi और ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian के बीच 12 मार्च को हुई बातचीत के बाद जहाजों को सुरक्षित निकालने की प्रक्रिया शुरू हुई। अब तक ईरान दो भारतीय जहाजों को सुरक्षित बाहर निकलने की अनुमति दे चुका है।
ईरान बना रहा सुरक्षित समुद्री कॉरिडोर
समुद्री डेटा कंपनी Lloyd’s List Intelligence के अनुसार, ईरान जहाजों को सुरक्षित मार्ग देने के लिए एक विशेष अनुमति प्रणाली विकसित कर रहा है। रिपोर्ट में बताया गया है कि अब तक 9 जहाज ईरान द्वारा बनाए गए सुरक्षित कॉरिडोर से बाहर निकल चुके हैं।
हालांकि, सुरक्षा कारणों से कई जहाजों को फिलहाल “वहीं रुके रहने” के निर्देश दिए गए हैं, खासकर दक्षिण पार्स गैस क्षेत्र पर हमलों के बाद स्थिति और संवेदनशील हो गई है।
असामान्य रास्तों से गुजर रहे जहाज
LLI के एडिटर-इन-चीफ Richard Mead के अनुसार, कुछ भारतीय LPG कैरियर जहाजों ने ईरान के Larak Island के पास से होकर असामान्य मार्ग अपनाया है, ताकि ईरानी सुरक्षा एजेंसियां उनकी पहचान की पुष्टि कर सकें।
रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि कम से कम एक टैंकर को होर्मुज से गुजरने के लिए ईरान को लगभग 2 मिलियन डॉलर का भुगतान करना पड़ा।
अमेरिका और ईरान के अलग-अलग दावे
ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है, लेकिन अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
वहीं, अमेरिकी ट्रेजरी सचिव Scott Bessent ने दावा किया कि अमेरिका वैश्विक आपूर्ति बनाए रखने के लिए ईरानी जहाजों को गुजरने की अनुमति दे रहा है।
बढ़ सकता है तनाव
विशेषज्ञों के मुताबिक, यदि स्थिति और बिगड़ती है तो अमेरिका अपने युद्धपोत इस क्षेत्र में भेज सकता है। Iran–Israel conflict के कारण यह समुद्री मार्ग वैश्विक ऊर्जा सप्लाई के लिए बेहद संवेदनशील बन गया है।
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