अहमदाबाद में अशांतधारा कानून को लेकर विधानसभा में तीखी बहस देखने को मिली। वेजलपुर के विधायक अमित ठाकरे ने जुहापुरा में अतिक्रमण और बदलती डेमोग्राफी का मुद्दा उठाया।
जुहापुरा में 2.5 लाख वर्गमीटर जमीन पर दबाव
विधायक ने दावा किया कि जुहापुरा में करीब 2.50 लाख वर्गमीटर सरकारी जमीन पर अतिक्रमण है। उन्होंने मांग की कि अन्य इलाकों की तरह यहां भी नियमों के तहत अतिक्रमण हटाया जाए।
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अशांतधारा कानून को सख्ती से लागू नहीं किया गया, तो इलाके की जनसंख्या संरचना (डेमोग्राफी) में बड़ा बदलाव हो सकता है।
शहर में तेजी से बदल रहा शहरी स्वरूप
अमित ठाकरे ने कहा कि सोनल टॉकीज से DAV स्कूल तक की सड़क को पहले दो अलग-अलग इलाकों की सीमा माना जाता था, लेकिन अब वेजलपुर भजुना रोड पर तेजी से निर्माण हो रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि अगर यही स्थिति जारी रही तो आने वाले 10 वर्षों में विस्तार रेलवे ट्रैक तक पहुंच सकता है।
जमालपुर और अन्य क्षेत्रों का भी जिक्र
जमालपुर समेत शहर के अन्य इलाकों में भी जनसंख्या बदलाव का मुद्दा उठाया गया।
वहीं, इमरान खेड़ावाला ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अगर राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव है, तो नए अशांत क्षेत्र घोषित करने की आवश्यकता क्यों पड़ रही है।
ट्रस्ट और प्रॉपर्टी मामलों में भी कानून लागू करने की मांग
बहस के दौरान ट्रस्ट प्रॉपर्टी और पार्टनरशिप फर्मों में भी अशांतधारा कानून लागू करने की मांग उठी।
कुछ विधायकों का कहना था कि ट्रस्ट में एक समुदाय के ट्रस्टी को हटाकर दूसरे समुदाय के लोग कब्जा कर लेते हैं, जिससे विवाद की स्थिति बनती है।
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