आंध्र प्रदेश के एलुरु जिले से एक गंभीर अपराध का मामला सामने आया है, जहाँ एक पादरी पर 14 वर्षीय नाबालिग बच्ची के साथ कई बार दुष्कर्म करने के आरोप लगे हैं। घटना सामने आने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।
अस्पताल में खुला मामला
पीड़िता की तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ जांच के दौरान डॉक्टरों को उसके गर्भवती होने का पता चला।
इसके बाद पीड़िता ने अपनी माँ को पूरी घटना बताई, जिसके बाद मामला पुलिस तक पहुँचा।
POCSO Act के तहत आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है।
प्रार्थना के बहाने घर में एंट्री
आरोपित चोतुपल्ली रामबाबू (35) स्थानीय चर्च में पादरी के रूप में कार्यरत था।
आरोप है कि उसने पहले परिवार का धर्मांतरण कराया और फिर उनके घर को चर्च में बदल दिया।
पादरी अक्सर प्रार्थना के बहाने घर आता था और इसी दौरान उसने बच्ची का शोषण किया।
गर्भपात की दवाएँ देने का आरोप
जब पादरी को पता चला कि बच्ची गर्भवती है, तो उसने कथित रूप से उसे गर्भपात की दवाएँ दे दीं।
इसके बाद बच्ची की हालत गंभीर हो गई और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस कार्रवाई और जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी रामबाबू फिलहाल फरार है और उसकी तलाश में कई टीमें गठित की गई हैं।
मामले में जांच जारी है और पीड़ित के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
बाल अधिकार आयोग ने लिया संज्ञान
आंध्र प्रदेश राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए संज्ञान लिया है।
आयोग के अध्यक्ष वी. सूर्यनारायण राजू ने कहा कि टीम पीड़िता से मिलने जाएगी और परिवार को न्याय दिलाने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
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