असम सरकार ने अवैध कब्जों के खिलाफ अपने बड़े अभियान को और तेज करते हुए 18 अगस्त 2025 को गोलाघाट जिले के रेंगमा रिजर्व फॉरेस्ट क्षेत्र में एक अहम कार्रवाई अंजाम दी। इस दौरान प्रशासन और सुरक्षा बलों की मौजूदगी में बुलडोज़र चलाकर लगभग 26 हेक्टेयर जमीन को अतिक्रमण से मुक्त कराया गया, जो करीब 65 फुटबॉल मैदानों के बराबर है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने इस कार्रवाई की जानकारी साझा करते हुए स्पष्ट कहा कि सरकार वन और राजकीय जमीनों पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं करेगी और इसी तरह आगे भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
रेंगमा रिजर्व फॉरेस्ट, जो उरियमघाट इलाके में स्थित है, लगभग 827 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और लंबे समय से यहां अवैध अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थीं। इससे पहले भी हाल ही में इसी जिले में 11,000 बीघा से अधिक वन भूमि को खाली कराया गया था, जिससे सरकार के इस अभियान की गंभीरता और व्यापकता साफ झलकती है। इस ऑपरेशन में जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारी, पुलिस बल और मशीनरी सबने मिलकर समन्वय से काम किया।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि यह बेदखली अभियान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और इसमें किसी भी प्रकार का हिंसक विरोध देखने को नहीं मिला। अधिकारियों के मुताबिक, सरकार का उद्देश्य न केवल अवैध कब्जों को हटाना है, बल्कि वन संपदा और पर्यावरण की रक्षा करना भी है, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधन सुरक्षित रह सकें। इस प्रकार की कार्रवाइयों से असम सरकार यह संदेश देना चाहती है कि कानून और व्यवस्था के दायरे से बाहर जाकर किसी भी व्यक्ति या समूह को सरकारी जमीन पर कब्जा करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
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