असम के उदलगुरी जिले में पुलिस की रूटीन नाका चेकिंग के दौरान एक दिल दहला देने वाली वारदात का खुलासा हुआ है। पुलिस ने दो नाबालिग हिंदू बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म करने के आरोप में तीन दरिंदों को रंगे हाथों दबोचा है।
यह गिरफ्तारी असम-अरुणाचल प्रदेश सीमा के पास माजबत थाना क्षेत्र के अंतर्गत हुई है। पकड़े गए आरोपितों की पहचान अजीबर रहमान, इनामुल हक और रफीकुल इस्लाम के रूप में हुई है। पुलिस ने तीनों के खिलाफ पोक्सो एक्ट (POCSO Act) और अन्य गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
कार से मिले अंडरगारमेंट्स और कंडोम
उदलगुरी के एसएसपी पद्मनाभ बरुआ ने घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि अरुणाचल प्रदेश की सीमा से लगे लालपानी पुलिस चौकी पर नियमित रूप से नाका चेकिंग की जाती है, ताकि असम में दाखिल होने वाले वाहनों की निगरानी की जा सके।

मंगलवार (30 दिसंबर 2025) शाम करीब 7 बजे, जब पुलिस की टीम हमेशा की तरह वाहनों की जाँच कर रही थी, तभी अरुणाचल प्रदेश की ओर से आ रही एक ऑल्टो कार को पुलिसकर्मियों ने रुकने का इशारा किया। इसी रूटीन चेकिंग के दौरान पुलिस को संदिग्ध गतिविधियों का पता चला, जिसके बाद इस पूरे मामले का पर्दाफाश हुआ।
पुलिस ने जब कार को रोककर उसकी तलाशी ली, तो अंदर तीन युवक और दो नाबालिग लड़कियाँ मौजूद थीं। संदेह होने पर जब पुलिस ने गाड़ी के कोने-कोने को खंगाला, तो वहाँ महिलाओं के अंडरगारमेंट्स और इस्तेमाल किए हुए कंडोम मिले। शक गहराने पर पुलिस सभी को थाने ले आई। वहाँ जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो सारा सच सामने आ गया। कार में सवार दरिंदों ने उन दोनों मासूम बच्चियों के साथ दुष्कर्म किया था। यह बात सामने आई कि उन्होंने मजबत के धनसिरीखुटी इलाके से दो छोटी उम्र की लड़कियों को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। वे असम, अरुणाचल प्रदेश और भूटान की तिरछी सीमा पर स्थित एक मशहूर पिकनिक जगह भैरबकुंडा गए। वहाँ उन्होंने लड़कियों को जबरदस्ती शराब पिलाई। वापस लौटते समय सिकरीडांगा नाम की जगह पर गाड़ी रोकी और दोनों लड़कियों के साथ बलात्कार किया।
अपराध करने के बाद लड़कियों को वापस लाया जा रहा था, तभी रास्ते में पुलिस ने गाड़ी रोक ली। जब पूरा मामला सामने आया, तो पुलिस ने नेपाली समुदाय से आने वाली लड़कियों के परिवार वालों को सूचना दी और उसी रात मुकदमा दर्ज कर लिया।
एसएसपी पद्मनाभ बारुआ ने बताया कि शुरुआती जाँच से लगता है कि अजीबर रहमान और इनामुल हक ने दोनों नाबालिग लड़कियों में से एक-एक के साथ बलात्कार किया, जबकि रफीकुल इस्लाम ड्राइवर था जिसने अपराध देखा और सबूत छिपाने में मदद की। पुलिस अधिकारी ने कहा कि अभी तक गैंगरेप के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन आगे की जाँच और डीएनए जाँच से कुछ और बात सामने आ सकती है।
पुलिस ने गाड़ी और अपराध वाली जगह से सारे सबूत इकट्ठे कर लिए हैं और फोरेंसिक जाँच चल रही है। आरोपितों पर पोक्सो एक्ट की कई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है, जिसमें धारा 6 भी शामिल है।
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