असम के गुवाहाटी में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की विशेष अदालत ने बुधवार, 30 दिसंबर 2025 को पाकिस्तानी इस्लामिक आतंकवादी संगठन हिज्ब-उल-मुजाहिदीन से जुड़े एक आतंकवादी को कड़ी सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी मोहम्मद कमरुज जमाँ उर्फ कमरुद्दीन उर्फ डॉ. हुरैराह को आतंकवादी गतिविधियों में शामिल पाए जाने पर उम्रकैद की सजा दी है।
अदालत ने इस मामले में आरोपी को एंटी-टेरर कानूनों के तहत तीन अलग-अलग सजाएँ सुनाईं, जिनमें सबसे बड़ी सजा उम्रकैद की है। इसके साथ ही कोर्ट ने आरोपी पर 5,000 रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सभी सजाएँ एक साथ चलेंगी।
राष्ट्रीय जांच एजेंसी ने 31 दिसंबर 2025 को जारी एक आधिकारिक बयान में बताया कि आरोपी को गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम, 1967 (UAPA) की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया गया है। इसमें यूए(पी) एक्ट की धारा 18 के तहत उम्रकैद, यूए(पी) एक्ट की धारा 18बी के साथ भारतीय दंड संहिता की धारा 120बी के तहत पाँच साल का साधारण कारावास, और यूए(पी) एक्ट की धारा 38 के तहत पाँच साल का साधारण कारावास शामिल है।
NIA Spl Court Sentenced Key Accused in Assam Hizb-Ul-Mujahideen Terror Conspiracy Case pic.twitter.com/pImvd6ENgo
— NIA India (@NIA_India) December 31, 2025
एनआईए के अनुसार, जुर्माने की राशि जमा न करने की स्थिति में आरोपी को प्रत्येक मामले में तीन महीने की अतिरिक्त साधारण कारावास की सजा भुगतनी होगी। अदालत ने यह स्पष्ट किया कि सभी सजाएँ समानांतर रूप से लागू होंगी।
यह मामला एक व्यापक आतंकी साजिश से जुड़ा है, जिसमें आरोपी के हिज्ब-उल-मुजाहिदीन से संपर्क और सहयोग के पुख्ता सबूत सामने आए थे। एनआईए ने इस केस में मार्च 2019 में कुल पाँच लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी।
चार्जशीट में आरोपी कमरुज जमाँ के अलावा शाहनवाज आलम, सैदुल आलम और ओमार फारुक को भी नामजद किया गया था। एनआईए के अनुसार, इन तीनों आरोपियों ने अदालत में दोष स्वीकार कर लिया था, जिसके बाद उन्हें दोषी ठहराया गया।
एनआईए ने यह भी बताया कि इस मामले के पाँचवें आरोपी जयनल उद्दीन की ट्रायल के दौरान बीमारी के कारण मृत्यु हो गई थी, जिसके चलते उसके खिलाफ चल रही कानूनी प्रक्रिया समाप्त हो गई।
अदालत के इस फैसले को आतंकवाद के खिलाफ जारी कड़ी कार्रवाई के रूप में देखा जा रहा है, और एनआईए ने दोहराया है कि देश की सुरक्षा को खतरा पहुंचाने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त और निर्णायक कार्रवाई जारी रहेगी।
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