बिहार के जमुई जिले की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने नाबालिग से गैंगरेप के मामले में ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए तीन दोषियों को अंतिम सांस तक कठोर उम्रकैद की सजा दी है। जस्टिस Maheshwar Dubey ने ‘मोहम्मद इमरान’, ‘आफताब अंसारी’ और ‘सद्दाम हुसैन’ को दोषी ठहराते हुए प्रत्येक पर एक-एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया।
23 दिन तक बंधक बनाकर दरिंदगी
रिपोर्ट के अनुसार, यह दिल दहला देने वाला मामला 1 दिसंबर 2025 का है, जब अलीगंज बाजार से 15 वर्षीय लड़की का अपहरण किया गया।
दोषियों ने पीड़िता को कटिहार के एक कमरे में कैद कर 23 दिनों तक लगातार गैंगरेप किया। पीड़िता ने बताया कि उसे दिन में केवल दो रोटी दी जाती थी।
पुलिस द्वारा बरामद किए जाने के समय उसकी हालत बेहद गंभीर थी—वह बेहोश और अत्यधिक कमजोर पाई गई।
60 दिनों में सुनाया गया फैसला
प्रशासन की तत्परता के चलते इस मामले में स्पीडी ट्रायल चलाया गया। महज 60 दिनों के भीतर चार्जशीट दाखिल, गवाहों की गवाही और बहस पूरी कर अदालत ने सजा सुना दी।
सरकारी वकील ने दोषियों के लिए फांसी की सजा की मांग की थी, लेकिन अदालत ने Bharatiya Nyaya Sanhita और POCSO Act की गंभीर धाराओं के तहत कठोर उम्रकैद का फैसला सुनाया।
समाज को सख्त संदेश
अदालत के इस फैसले को न्यायिक सख्ती और त्वरित न्याय का बड़ा उदाहरण माना जा रहा है। यह निर्णय समाज में अपराधियों के लिए कड़ा संदेश देता है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराधों में किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
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