बिहार में विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने तारीखों का ऐलान कर दिया है और इसी बीच भोजपुरी एक्टर और सिंगर पवन सिंह के परिवार में बड़ा घमासान छिड़ गया है। हाल ही में पवन सिंह ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब उनकी पत्नी ज्योति सिंह ने खुद चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया है। उन्होंने बिहार की काराकाट विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की है।
गौरतलब है कि ज्योति सिंह ने कुछ दिन पहले जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर से भी मुलाकात की थी। इस मुलाकात के बाद से ही राजनीतिक हलकों में चर्चाएं तेज हो गई थीं कि ज्योति सिंह जन सुराज के टिकट पर चुनाव लड़ सकती हैं।
भोजपुरी अभिनेता पवन सिंह की पत्नी ज्योति सिंह बिहार विधानसभा चुनाव लड़ेगी। ज्योति के पिता रामबाबू सिंह ने बताया कि पवन यदि उसे फिर से अपना लें तो ज्योति चुनाव नहीं लड़ेगी।
किस सीट से और किस पार्टी से चुनाव लड़ेंगी, यह जल्द तय होगा। हालांकि, काराकाट सीट बेटी को पसंद है। इस सीट के… pic.twitter.com/imerCs2Pgj
— Shivani Sahu (@askshivanisahu) October 13, 2025
दरअसल, पवन सिंह और उनकी पत्नी ज्योति सिंह के बीच पिछले कुछ समय से विवाद चल रहा है। ज्योति सिंह ने पवन सिंह पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, जिसके बाद पवन सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सफाई दी। उन्होंने कहा कि कोर्ट में उनका तलाक का मामला चल रहा है और उन्हें परेशान करने के लिए यह सब किया जा रहा है। पवन सिंह ने कहा, “मैं ज्योति जी से कहना चाहता हूं कि जो अपनापन आप दिखा रही हैं, वह चुनाव से पहले क्यों नहीं दिखाया? यह सब इसलिए किया गया क्योंकि मेरी मुलाकात अमित शाह जी समेत कई नेताओं से हुई थी। वाह रे अपनापन।”
पवन सिंह ने आगे यह भी कहा था कि ज्योति के पिता रामबाबू जी ने उनसे कहा था, “आप मेरी बेटी को विधायक बना दीजिए, उसके बाद रखना हो तो रखिए या छोड़ना हो तो छोड़ दीजिए।” पवन सिंह ने कहा कि उन्हें यह उम्मीद नहीं थी कि ज्योति इस हद तक चली जाएंगी। उन्होंने कहा, “दुनिया मुझे सुपरस्टार कहती है, लेकिन मैं भी इंसान हूं। मेरा दिल करता है कि जब मैं घर लौटूं तो दरवाजा मेरी पत्नी या बेटी खोले, लेकिन अब दरवाजा मेरा स्टाफ खोलता है। मैं भी थक जाता हूं।”
वहीं विवाद के बाद ज्योति सिंह ने पटना के शेखपुरा हाउस में जन सुराज प्रमुख प्रशांत किशोर से मुलाकात की थी। हालांकि मुलाकात के बाद दोनों ने चुनाव या टिकट को लेकर किसी भी चर्चा से इनकार किया था। ज्योति सिंह का कहना था कि उन्होंने प्रशांत किशोर से मुलाकात सिर्फ “न्याय” की मांग को लेकर की। वह उन महिलाओं के लिए आवाज उठाना चाहती हैं, जिनके साथ अन्याय हो रहा है।