बिहार के सीवान जिले में हुए चर्चित गुड्डू कुमार सिंह हत्याकांड का पुलिस ने 5 दिन बाद सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि गुड्डू की हत्या किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि उसके ही चचेरे भाई ने की थी।
क्या है पूरा मामला?
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह घटना पचरुखी थाना क्षेत्र के जसौली गाँव की है। 27 मई 2026 को दुबई में काम करने वाले 30 वर्षीय गुड्डू कुमार सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। गुड्डू हाल ही में अपने पिता के इलाज के लिए भारत लौटा था, जो कैंसर की अंतिम अवस्था से जूझ रहे हैं।
घटना वाले दिन गुड्डू अपने घर से बाजार घूमने निकला था, तभी उसके चचेरे भाई पिंकू कुमार ने उसे गोली मार दी।
शुरुआती जांच में आया था अलग एंगल
शुरुआती जांच में पुलिस को शक था कि हत्या अवैध संबंधों के कारण हुई है। बताया जा रहा था कि गुड्डू का एक शादीशुदा महिला के साथ संबंध था, जिससे रंजिश पैदा हुई और हत्या कर दी गई।
लेकिन जब पुलिस ने गहराई से जांच की, तो पूरी कहानी ही बदल गई।
पिंकू ने कबूला सच
पुलिस पूछताछ में आरोपी पिंकू कुमार ने बताया कि इस हत्या की जड़ 2020 की एक घटना में है। उस समय कोविड के दौरान वह अपनी गर्लफ्रेंड से मिलने रात में उसके घर गया था, जहां वह पकड़ा गया। इसके बाद गांव में पंचायत बुलाई गई, जिसमें 500 से ज्यादा लोगों के सामने उसके चाचा (गुड्डू के पिता) ने उसे थप्पड़ मार दिया था।
इस घटना से अपमानित होकर पिंकू ने बदला लेने की ठान ली थी। वह अपने चाचा को मारना चाहता था, लेकिन मौका नहीं मिला। अंततः उसने उनके बेटे गुड्डू को निशाना बनाना आसान समझा और हत्या कर दी।
हथियार सप्लाई करने वाला भी गिरफ्तार
पुलिस ने इस मामले में पिंकू कुमार के साथ-साथ हथियार उपलब्ध कराने वाले परवेज आलम को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
पुलिस के अनुसार, पिंकू का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है, जबकि परवेज आलम पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।
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