पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच Narendra Modi ने Iran के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से फोन पर अहम बातचीत की।
28 फरवरी को Israel और United States द्वारा ईरान पर किए गए हमलों और ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद दोनों नेताओं के बीच यह पहली बातचीत मानी जा रही है।
ऊर्जा और व्यापारिक आपूर्ति पर भारत की चिंता
बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने क्षेत्र में बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि Persian Gulf से माल और ऊर्जा की आवाजाही बिना किसी रुकावट के जारी रहनी चाहिए, क्योंकि यह भारत की बड़ी प्राथमिकताओं में से एक है।
Had a conversation with Iranian President, Dr. Masoud Pezeshkian, to discuss the serious situation in the region.
Expressed deep concern over the escalation of tensions and the loss of civilian lives as well as damage to civilian infrastructure.
The safety and security of…
— Narendra Modi (@narendramodi) March 12, 2026
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर इस बातचीत की जानकारी साझा करते हुए कहा कि भारत शांति और स्थिरता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता पर कायम है।
बातचीत और कूटनीति से ही समाधान
Narendra Modi ने स्पष्ट किया कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति से निकल सकता है।
भारत ने दोनों पक्षों—Iran और Israel—से संयम बरतने की अपील की है ताकि क्षेत्र में बड़े युद्ध की स्थिति से बचा जा सके।
भारतीय नागरिकों की सुरक्षा पर चिंता
हाल ही में Persian Gulf क्षेत्र में व्यापारिक जहाजों पर हुए हमलों में कम से कम तीन भारतीय नाविकों की मौत हो चुकी है।
इस मुद्दे पर पीएम मोदी ने राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian से बातचीत के दौरान भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर अपनी चिंता जताई।
भारत के रुख की ईरान ने की सराहना
ईरान के राष्ट्रपति ने बातचीत में भारत के संतुलित रुख की सराहना की।
उन्होंने कहा कि भारत ने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर “संतुलित और रचनात्मक भूमिका” निभाई है और ईरान भारत को अपना सच्चा मित्र मानता है।
Masoud Pezeshkian ने यह भी कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता था और कूटनीति से मसले सुलझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन अमेरिका और इजरायल के हमलों से स्थिति बिगड़ गई।
दोनों पक्षों से संवाद करने वाले नेता
आज के दौर में Narendra Modi उन चुनिंदा वैश्विक नेताओं में शामिल हैं जो संघर्ष के दोनों पक्षों से सीधे संवाद कर सकते हैं।
उन्होंने हाल ही में Benjamin Netanyahu सहित कई पश्चिम एशियाई देशों—Qatar, Saudi Arabia, United Arab Emirates और Jordan—के नेताओं से भी संपर्क किया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ रही भारत की भूमिका
पश्चिम एशिया में भारत की आर्थिक और रणनीतिक ताकत लगातार बढ़ रही है।
इस क्षेत्र के कई देश भारत को स्थिरता लाने वाली शक्ति के रूप में देखते हैं।
चूंकि भारत के संबंध Iran, Israel और खाड़ी देशों तीनों के साथ मजबूत हैं, इसलिए भारत की शांति और संयम की अपील को वैश्विक स्तर पर गंभीरता से लिया जा रहा है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel