अनिल अंबानी की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बाद अब बैंक ऑफ इंडिया ने भी दिवालिया हो चुकी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) और उसके पूर्व निदेशक अनिल अंबानी के लोन अकाउंट को फ्रॉड घोषित कर दिया है। बैंक ने यह जानकारी स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग के जरिए दी।
आरकॉम की प्रतिक्रिया
आरकॉम ने इस पर जवाब देते हुए कहा कि बैंक जिन लोन की बात कर रहा है, वे उस समय के हैं जब कंपनी कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रेज़ोल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत नहीं गई थी। कंपनी ने स्पष्ट किया कि इन लोन पर फैसला इनसॉल्वेंसी एंड बैंकरप्सी कोड (IBC) के दायरे में ही होना चाहिए, यानी रेज़ोल्यूशन प्लान या लिक्विडेशन प्रोसेस के जरिए। साथ ही, आरकॉम ने यह भी बताया कि क्रेडिटर्स की कमेटी (CoC) पहले ही रेज़ोल्यूशन प्लान को मंजूरी दे चुकी है, और अब यह नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) से अप्रूवल का इंतजार कर रहा है। कंपनी इस समय रेज़ोल्यूशन प्रोफेशनल के कंट्रोल में है और अनिल अंबानी अब इसके डायरेक्टर नहीं हैं।
Reliance Communications', Anil Ambani's loan accounts declared as 'fraudulent' by Bank of Baroda
• In a significant step, Bank of Baroda, one of India's leading public sector banks, has declared the loan accounts of Reliance Communications Ltd. (RCom) and its erstwhile… pic.twitter.com/1Qx2bpOrz7
— IANS (@ians_india) September 4, 2025
अनिल अंबानी के लिए झटके पर झटका
बैंक ऑफ इंडिया का यह कदम अनिल अंबानी के लिए एक और बड़ा झटका है। इससे पहले जून 2025 में SBI ने भी आरकॉम के लोन अकाउंट को फ्रॉड घोषित किया था। उसके बाद 24 अगस्त को बैंक ऑफ इंडिया ने भी यही रास्ता अपनाया और आरोप लगाया कि साल 2016 में कंपनी द्वारा फंड डायवर्जन किया गया था।
ED की जांच का दबाव
अनिल अंबानी पहले से ही प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच के घेरे में हैं। ईडी रिलायंस ग्रुप की कंपनियों से जुड़े करीब 17,000 करोड़ रुपये के लोन फ्रॉड मामले की जांच कर रही है। यह अब तक के सबसे बड़े कॉरपोरेट लोन फ्रॉड मामलों में से एक माना जा रहा है। पिछले महीने ही ईडी ने अनिल अंबानी को पूछताछ के लिए तलब किया था। इसके साथ ही एजेंसी ने 12–13 बैंकों से डिटेल मांगी है कि जब रिलायंस हाउसिंग फाइनेंस, रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस को लोन दिया गया था, तब ड्यू डिलिजेंस कैसे की गई थी। इसमें एसबीआई, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, एचडीएफसी बैंक, यूको बैंक और पंजाब एंड सिंध बैंक जैसे बड़े नाम शामिल हैं।
बड़े सवाल खड़े हुए
आरकॉम का कहना है कि चूंकि मामला पहले से IBC के दायरे में है, इसलिए लोन फ्रॉड का फैसला भी वहीं के नियमों के तहत होना चाहिए। लेकिन इस पूरे विवाद ने न सिर्फ अनिल अंबानी और उनकी कंपनियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, बल्कि भारतीय बैंकिंग सिस्टम और कॉरपोरेट लोन प्रक्रियाओं पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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