छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग में सुरक्षाबलों ने माओवादियों के बनाए स्मारकों को ध्वस्त करने का अभियान तेज कर दिया है। पिछले तीन सालों में 100 से ज्यादा स्मारकों को ध्वस्त किया गया, और पुलिस के आंकड़ों के अनुसार इस दौरान 520 से अधिक नक्सली मारे गए या सरेंडर कर दिए।
रिपोर्ट के मुताबिक, सुकमा, बीजापुर, दंतेवाड़ा और नारायणपुर जिलों में अभियान चलाया गया। माओवादी कभी इन इलाकों में आतंक फैलाते थे और उन्होंने कई स्मारक बनाए थे, जिन पर मारे गए कमांडरों के नाम लिखे थे। ये स्मारक ऊँचे पिरामिड जैसे होते थे और स्थानीय लोगों में भय फैलाते थे।
Bijapur, Chhattisgarh | A total of four Maoist memorials constructed in the jurisdictions of Farsegarh and Tarrem police stations were demolished yesterday. To completely eradicate Maoism and establish lasting peace, security, and development in the region, security forces are… pic.twitter.com/o4yJSIBEbI
— ANI (@ANI) February 21, 2026
सबसे बड़ा स्मारक कोमटपल्ली गाँव में था, जो लगभग 64 फीट ऊँचा था। यह स्मारक नक्सलियों के प्रमुख आयोजनों के लिए बनाया गया था और इसके नीचे-ऊपर माओवादी झंडे व नाम लोगों के मन में डर पैदा करते थे। साल 2025 में सुरक्षा बलों ने इसे ध्वस्त कर दिया।
CRPF के डायरेक्टर जनरल जीपी सिंह ने कहा, “हम ईंट-दर-ईंट इस विचार और इसके हर रूप को नष्ट कर देंगे।” सुरक्षाबलों ने न सिर्फ हथियारों से, बल्कि प्रतीकों और सोच से भी माओवादी विचारधारा का मुकाबला किया।
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