भारतीय क्रिकेटर रविंद्र जडेजा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की शताब्दी पर संगठन को शुभकामनाएँ दीं और इसे भारत की संस्कृति और आत्मा से जुड़ा आंदोलन बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर एक विस्तृत पोस्ट साझा की, जिसमें संघ के सौ साल के योगदान और उसकी राष्ट्रनिर्माण में भूमिका पर अपने विचार व्यक्त किए।
विश्व के सबसे बड़े स्वयंसेवी संगठन, राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के शताब्दी वर्ष के अवसर पर मेरे अनुभव और विचार
आजादी से पूर्व देश की आत्मा और मूल संस्कृति का अंग्रेजों सहित विभिन्न विचारधाराओं द्वारा हो रहा शोषण, और यदि संस्कृति नष्ट हुई तो इसके भयावह परिणामों की चिंता से… pic.twitter.com/zE6zpJoybG
— Ravindrasinh jadeja (@imjadeja) October 14, 2025
जडेजा ने लिखा कि डॉ. केशवराव बलिराम हेडगेवार द्वारा 1925 में शुरू किया गया यह आंदोलन आज करोड़ों स्वयंसेवकों की शक्ति बन चुका है। उन्होंने कहा कि संघ की स्थापना उस दौर में हुई थी, जब भारत पर विदेशी विचारधाराओं का गहरा प्रभाव था, और उसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति, मूल्यों और आत्मसम्मान की रक्षा करना था।
क्रिकेटर ने बताया कि संघ ने शाखाओं के माध्यम से युवाओं में अनुशासन, राष्ट्रभक्ति और सेवा की भावना का निर्माण किया है। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था और सामाजिक क्षेत्र में संघ के योगदान को भी रेखांकित किया। जडेजा ने कहा कि संघ ने हर क्षेत्र में समाज को संगठित और सशक्त बनाने का कार्य किया है।
उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि उन्हें संघ प्रमुख मोहन भागवत से मिलने का अवसर मिला था, जिससे संगठन के प्रति उनकी श्रद्धा और भी बढ़ गई। जडेजा ने कहा कि मोहन भागवत के विचारों ने उन्हें गहराई से प्रभावित किया और उन्होंने संघ की कार्यपद्धति को “राष्ट्रसेवा की मिसाल” बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का उल्लेख करते हुए जडेजा ने कहा कि वे संघ की विचारधारा से निकले ऐसे नेता हैं, जिन्होंने राष्ट्र निर्माण और वैश्विक मंच पर भारत की पहचान मजबूत करने में अद्वितीय योगदान दिया है।
पोस्ट के अंत में जडेजा ने सभी स्वयंसेवकों और संघ परिवार को शताब्दी वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएँ दीं और कहा कि आने वाले सौ वर्ष भारत की प्रगति और सांस्कृतिक गौरव को नई ऊँचाइयों तक ले जाएँगे।