दिल्ली में आयोजित 22वें सुब्रतो मुखर्जी सेमिनार में एयर स्टाफ प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने भारतीय वायु सेना की भूमिका, सैन्य शक्ति के महत्व और भविष्य की चुनौतियों पर स्पष्ट और सशक्त विचार रखे। उन्होंने कहा कि भारतीय वायु सेना की नींव कठिन परिस्थितियों, अनिश्चितताओं और सीमित संसाधनों के दौर में रखी गई थी, और इसका श्रेय देश के पहले एयर चीफ मार्शल सुब्रतो मुखर्जी की दूरदर्शिता को जाता है।
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने कहा, “सुब्रतो मुखर्जी ने हमें सही रास्ते पर डाला। जैसा कहा जाता है, अच्छी शुरुआत आधा काम पूरा कर देती है। उनकी सोच और नेतृत्व की वजह से भारतीय वायु सेना लगातार मजबूत होती गई।” उन्होंने यह भी कहा कि आज की स्थिति उनके पूर्ववर्तियों की तुलना में कहीं बेहतर है, क्योंकि संसाधन समय के साथ लगातार बेहतर हुए हैं।
#WATCH | Delhi | At the 22nd Subroto Mukherjee Seminar, Chief of Air Staff, Air Chief Marshal AP Singh says, "Subroto Mukherjee built the Indian Air Force in an era of constraints, uncertainties, and limited resources… With the kind of foresight he had, he took us on the right… pic.twitter.com/qcj2JE9zH7
— ANI (@ANI) January 21, 2026
सैन्य शक्ति के महत्व पर जोर देते हुए एयर चीफ मार्शल ने कहा कि राष्ट्रीय शक्ति का अंतिम निर्णायक सैन्य ताकत ही होती है। उन्होंने कहा, “कूटनीति, अर्थव्यवस्था और अन्य सभी ताकतें अहम हैं, लेकिन अंत में जिस चीज़ की जरूरत होती है, वह एक मजबूत सेना है। अगर आपके पास मजबूत सेना नहीं है, तो कोई भी आपको अपने अधीन कर सकता है।” उन्होंने वेनेजुएला और इराक का उदाहरण देते हुए कहा कि ये इसके हालिया उदाहरण हैं।
#WATCH | Delhi | At the 22nd Subroto Mukherjee Seminar, Chief of Air Staff, Air Chief Marshal AP Singh says, "… We must understand that military power stands as the ultimate arbiter of national power… Any one of these powers is very important but finally, what is required is… pic.twitter.com/Nv6euh7RmL
— ANI (@ANI) January 21, 2026
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि सिर्फ सैन्य शक्ति होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसका इस्तेमाल करने की इच्छा भी उतनी ही जरूरी है। उन्होंने कहा, “जब तक सैन्य शक्ति के उपयोग की इच्छा नहीं होगी, तब तक संयम को कमजोरी के रूप में देखा जाएगा। संयम तभी ताकत माना जाता है, जब आप वास्तव में मजबूत होते हैं।”
#WATCH | Delhi | At the 22nd Subroto Mukherjee Seminar, Chief of Air Staff, Air Chief Marshal AP Singh says, "… The part of military power that has come in handy, or which has delivered what was required to be delivered, is air power. It becomes very important that we focus our… pic.twitter.com/X3kGuxoCb4
— ANI (@ANI) January 21, 2026
वायु शक्ति की भूमिका पर बात करते हुए उन्होंने कहा कि हाल के वर्षों में जिस सैन्य शक्ति ने निर्णायक भूमिका निभाई है, वह वायु शक्ति है। उन्होंने कहा कि चाहे संघर्ष क्षेत्रों से लोगों को बाहर निकालना हो, आतंकवादी ढांचे और उनके सरगनाओं पर प्रहार करना हो या कुछ ही घंटों में पाकिस्तान में ठिकानों पर हमला कर यह संदेश देना हो कि अब बहुत हो चुका है—इन सभी मामलों में वायु शक्ति ने अहम भूमिका निभाई है।
अपने संबोधन के अंत में एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि बीती उपलब्धियों पर संतोष नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा, “हमें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार रहना होगा। अगर हम एक सशक्त राष्ट्र बनना चाहते हैं, तो वायु शक्ति पर निरंतर ध्यान केंद्रित करना बेहद जरूरी है।”
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