दिल्ली की भाजपा सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द का हवाला देते हुए ‘Islamic Ethics of Warfare’ नामक पुस्तक को जब्त करने का आदेश जारी किया है। सरकार का कहना है कि यह किताब कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा देती है और लोगों को हिंसा तथा सशस्त्र विद्रोह के लिए उकसाती है।
Delhi सरकार के गृह विभाग द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि पुस्तक में ऐसी सामग्री पाई गई है जो समाज में धार्मिक वैमनस्य बढ़ा सकती है और देश की सुरक्षा के लिए खतरा बन सकती है।
सरकार ने क्यों लिया यह फैसला?
गृह विभाग के आदेश के अनुसार:
- किताब कथित रूप से लोगों को हथियार उठाने और हिंसक विचारधारा की ओर प्रेरित करती है
- धार्मिक ग्रंथों और मजहबी संदर्भों का कथित रूप से गलत और भ्रामक उपयोग किया गया है
- सामग्री से विभिन्न धार्मिक समुदायों के बीच दुश्मनी और नफरत बढ़ने की आशंका है
सरकार का कहना है कि जांच और उपलब्ध सबूतों के आधार पर यह पाया गया कि पुस्तक में हिंसा को उचित ठहराने की कोशिश की गई है, इसलिए तत्काल कार्रवाई आवश्यक थी।

भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत जब्ती
दिल्ली सरकार ने Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita की धारा 98 के तहत पुस्तक और उसकी सभी प्रतियों को जब्त करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा आदेश में कहा गया है कि पुस्तक की सामग्री भारत की एकता, अखंडता और संप्रभुता के खिलाफ भ्रामक जानकारी फैलाने वाली पाई गई। इसी आधार पर Bharatiya Nyaya Sanhita की धारा 196, 197(1)(c) और 197(1)(d) के तहत भी कार्रवाई की गई है।
किताब पर क्या हैं आरोप?
सरकारी आदेश में दावा किया गया है कि पुस्तक:
- एक धर्म को सर्वोच्च बताकर अन्य धर्मों के खिलाफ संघर्ष की बात करती है
- धार्मिक समुदायों के बीच नफरत और वैमनस्य फैलाने वाली सामग्री प्रस्तुत करती है
- कुरान और अन्य धार्मिक ग्रंथों को कथित रूप से तोड़-मरोड़कर पेश करती है
- कट्टरपंथ और हिंसक सोच को बढ़ावा देने का प्रयास करती है
सरकार का मानना है कि इस प्रकार की सामग्री सामाजिक शांति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बन सकती है।
राष्ट्रीय सुरक्षा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर बहस
इस कार्रवाई के बाद अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू हो सकती है। एक ओर सरकार इसे देशहित और कानून व्यवस्था के लिए जरूरी कदम बता रही है, वहीं दूसरी ओर कुछ लोग इसे सेंसरशिप के दृष्टिकोण से भी देख सकते हैं।
हालांकि फिलहाल सरकार ने स्पष्ट किया है कि कार्रवाई केवल उन सामग्रियों पर केंद्रित है जिन्हें जांच में हिंसा और कट्टरपंथ को बढ़ावा देने वाला पाया गया।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel