दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी से जुड़े एक कथित वीडियो को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने वीडियो में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के कथित अपमान का आरोप लगाते हुए आतिशी के खिलाफ FIR दर्ज करने और उनकी विधानसभा सदस्यता रद्द करने तक की माँग की है। विवाद बढ़ने पर विधानसभा अध्यक्ष ने वीडियो की फोरेंसिक जाँच के आदेश दिए और मामले को विशेषाधिकार समिति के पास भेजा।
लोकसभा में हंगामा: गुरु तेग बहादुर शहीदी दिवस पर आतिशी मार्लेना का विवादित बयान
लोकसभा में गुरु तेग बहादुर जी की महान शहादत को श्रद्धांजलि देने के दौरान तीखी नोकझोंक।
आतिशी मार्लेना ने सदन में शोर मचाते हुए कथित तौर पर कहा, "कभी कुत्तों का सम्मान करो, कभी गुरुओं का सम्मान… pic.twitter.com/aqHoTHl7gK
— One India News (@oneindianewscom) January 7, 2026
भाजपा नेताओं का आरोप है कि नवंबर 2025 में गुरु तेग बहादुर जी की 350वीं शहादत वर्षगाँठ पर हुई विशेष चर्चा के बाद आतिशी ने असंवेदनशील टिप्पणी की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। भाजपा का कहना है कि यह टिप्पणी सिख समुदाय की भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाली है और इसे सदन की अवमानना माना जाना चाहिए।
आतिशी ने आरोपों को पूरी तरह खारिज करते हुए कहा कि उनका बयान प्रदूषण और विधानसभा में हो रहे विरोध प्रदर्शन के संदर्भ में था, न कि किसी सिख गुरु को लेकर। आम आदमी पार्टी (AAP) का दावा है कि वायरल वीडियो के साथ जानबूझकर छेड़छाड़ की गई और उसमें गलत सबटाइटल जोड़कर गुरु तेग बहादुर जी का नाम डाला गया। AAP विधायकों ने इसे राजनीतिक साजिश बताते हुए विधानसभा अध्यक्ष को लिखित शिकायत सौंपी, जिसके बाद वीडियो को फोरेंसिक जाँच के लिए भेजने का फैसला लिया गया।
भाजपा नेताओं का कहना है कि वीडियो लाइव फीड का हिस्सा था और मीडिया ने भी इसे देखा है, ऐसे में एडिटिंग का दावा गलत है। कैबिनेट मंत्री आशीष सूद, कपिल मिश्रा और मनजिंदर सिंह सिरसा ने आतिशी से सार्वजनिक माफी की माँग की और कहा कि अगर गलती हुई थी तो माफी मांगने से मामला खत्म हो सकता था। भाजपा ने पूरे प्रकरण को सदन की गरिमा से जुड़ा बताते हुए विशेषाधिकार समिति से समयबद्ध जाँच और FIR दर्ज करने की मांग की।
इस विवाद के चलते दिल्ली विधानसभा की कार्यवाही गुरुवार (8 जनवरी 2026) को लगातार दूसरे दिन ठप रही। भारी हंगामे के बीच स्पीकर विजेंद्र गुप्ता ने सदन को स्थगित करते हुए वीडियो की फोरेंसिक जाँच के निर्देश दिए और 15 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपने को कहा।
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