विदेश मंत्री S. Jaishankar ने सोमवार (9 मार्च 2026) को संसद के बजट सत्र के दूसरे हिस्से के पहले दिन Rajya Sabha में मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष पर सरकार का पक्ष रखा।
उन्होंने कहा कि United States और Israel के हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत के बाद हालात और गंभीर हो गए हैं। इसके जवाब में Iran ने अमेरिकी और इजरायली ठिकानों पर मिसाइल हमले किए हैं।
संघर्ष में भारी तबाही
विदेश मंत्री ने कहा कि इस संघर्ष में कई बड़े सैन्य और राजनीतिक नेताओं की मौत हो चुकी है। कई शहरों में भारी तबाही हुई है और आम लोगों की जिंदगी बुरी तरह प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि कई जगहों पर सामान्य जीवन लगभग ठप हो गया है।
खाड़ी देशों में एक करोड़ भारतीय
जयशंकर ने कहा कि यह स्थिति भारत के लिए विशेष रूप से चिंता का विषय है क्योंकि पश्चिम एशिया में बड़ी संख्या में भारतीय रहते और काम करते हैं।
उन्होंने बताया कि खाड़ी देशों में लगभग एक करोड़ भारतीय रहते हैं, जबकि ईरान में भी हजारों भारतीय छात्र और कामगार मौजूद हैं।
दो भारतीय नाविकों की मौत
विदेश मंत्री ने बताया कि व्यापारिक जहाजों से जुड़े हादसों में दो भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक अभी भी लापता है। उन्होंने इन जानों के नुकसान पर पूरे सदन की ओर से गहरा दुख व्यक्त किया।
भारत ने संयम बरतने की अपील की
विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच जयशंकर ने कहा कि भारत सरकार ने पहले ही बयान जारी कर सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी।
EAM @DrSJaishankar lists Centre's three 'guiding factors' in its approach towards the issue Regarding energy security. He says the interests of the Indian consumer has been the “over-riding priority”.
1️⃣ India supports peace and urges dialogue, diplomacy,… pic.twitter.com/CfSt2H9hu8
— SansadTV (@sansad_tv) March 9, 2026
उन्होंने कहा कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति ही एकमात्र रास्ता है। इस मुद्दे पर Cabinet Committee on Security की बैठक भी हो चुकी है और Narendra Modi स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
ऊर्जा कीमतों पर भी सरकार की नजर
जयशंकर ने कहा कि खाड़ी देश भारत के बड़े व्यापारिक साझेदार हैं। इसलिए सरकार ऊर्जा क्षेत्र की स्थिति पर भी नजर बनाए हुए है।
उन्होंने कहा कि भारत के उपभोक्ताओं की जरूरतें सरकार की प्राथमिकता हैं और तेल की कीमतों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
67 हजार भारतीयों को सुरक्षित निकाला गया
विदेश मंत्री ने बताया कि Tehran स्थित भारतीय दूतावास पूरी तरह से कार्यरत है और वहां मौजूद भारतीय समुदाय को हर संभव सहायता दी जा रही है।
उन्होंने कहा कि तेहरान, Dubai और Bahrain जैसे स्थानों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने के लिए कई कमर्शियल उड़ानों का संचालन किया गया है।
अब तक करीब 67 हजार भारतीयों को सुरक्षित स्वदेश वापस लाया जा चुका है।
पीएम मोदी ने कई नेताओं से की बात
जयशंकर ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने United Arab Emirates, Qatar, Kuwait, Saudi Arabia, Jordan, Oman और इजरायल के नेताओं से बातचीत की है।
साथ ही विदेश मंत्री खुद भी कई देशों के विदेश मंत्रियों के संपर्क में हैं और भारतीयों की सुरक्षित वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास जारी हैं।
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