केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने नई दिल्ली में छत्तीसगढ़ के बस्तर में कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर सफलतापूर्वक संपन्न हुए ‘ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट’ के वीर जवानों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया। इस अभियान को CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा के जवानों ने अंजाम दिया था। शाह ने इस मौके पर सरकार के उस संकल्प को दोहराया कि 31 मार्च 2026 तक भारत को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त किया जाएगा।
केंद्रीय गृह मंत्री एवं सहकारिता मंत्री #अमित_शाह ने करेगुट्टा पहाड़ी पर 'ऑपरेशन ब्लैक फॉरेस्ट' को सफलतापूर्वक अंजाम देने वाले CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG और कोबरा के जवानों से मुलाकात की और उन्हें सम्मानित किया।#OperationBlackForest pic.twitter.com/yRP6DeaKeD
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गृह मंत्री शाह ने कहा कि कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर चला यह ऑपरेशन अब तक का सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान रहा है और जवानों का शौर्य नक्सल विरोधी इतिहास में स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज होगा। उन्होंने वीर जवानों की बहादुरी और पराक्रम की सराहना करते हुए कहा कि मोदी सरकार तब तक चैन से नहीं बैठेगी, जब तक नक्सलवाद का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। इस अवसर पर छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा भी मौजूद रहे।
‘Operation Black Forest’ में जवानों ने न सिर्फ नक्सलियों के बेस कैम्प को नष्ट किया, बल्कि उनकी सप्लाई चेन को भी भारी आघात पहुँचाया।
मोदी सरकार और छत्तीसगढ़ सरकार नक्सल-विरोधी अभियानों में शहीद या घायल हुए जवानों और उनके परिजनों के जीवन को सुगम बनाने के लिए कटिबद्ध है।
कृतज्ञ… pic.twitter.com/Zz5IXGWNnR
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शाह ने कहा कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों, ऊंचाई और IED के खतरों के बावजूद सुरक्षाबलों ने नक्सलियों के बेस कैंप और सप्लाई चेन को ध्वस्त कर दिया। कर्रेगुट्टालु पहाड़ी पर मौजूद नक्सलियों के मैटीरियल डंप को नष्ट कर सुरक्षाबलों ने एक बड़ा पराक्रम दिखाया। उन्होंने यह भी कहा कि नक्सलियों ने देश के सबसे पिछड़े क्षेत्रों को बुरी तरह प्रभावित किया है—स्कूल और अस्पताल बंद कर दिए और सरकारी योजनाओं को स्थानीय जनता तक पहुंचने नहीं दिया।
नई दिल्ली में अपने आवास पर ‘Operation Black Forest’ में अदम्य साहस और वीरता से नक्सलियों का मुकाबला करने वाले CRPF, छत्तीसगढ़ पुलिस, DRG व कोबरा के जवानों और उनके परिजनों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया।
कर्रेगुट्टालु की दुर्गम पहाड़ियों पर लगातार 19 दिनों तक चले सबसे बड़े… pic.twitter.com/lEEDPttYQb
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गृह मंत्री ने आगे बताया कि नक्सल विरोधी अभियानों की वजह से आज पशुपतिनाथ से लेकर तिरुपति तक फैले इलाके के साढ़े छह करोड़ लोगों के जीवन में नया सूर्योदय हुआ है। साथ ही उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि सरकार उन सुरक्षाबलों के जीवन को बेहतर बनाने के लिए हर संभव कदम उठा रही है, जिन्होंने इन अभियानों में गंभीर शारीरिक नुकसान सहा है। शाह ने दृढ़ संकल्प जताया कि 31 मार्च 2026 तक भारत नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त होगा।