पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 2022 विधानसभा चुनाव के दौरान “शिक्षा क्रांति” का बड़ा वादा किया था। पार्टी ने दावा किया था कि वह दिल्ली मॉडल की तर्ज पर सरकारी स्कूलों को इतना बेहतर बनाएगी कि माता-पिता निजी स्कूलों की जगह सरकारी स्कूलों पर भरोसा करेंगे।
हालांकि चार साल बाद एक रिपोर्ट में सामने आया है कि AAP के अपने ही विधायक सरकारी स्कूलों की शिक्षा व्यवस्था पर पूरी तरह भरोसा नहीं कर पा रहे हैं, खासकर जब बात उनके बच्चों की पढ़ाई की आती है।
31 में से केवल एक विधायक का बच्चा सरकारी स्कूल में
रिपोर्ट के मुताबिक, जिन 31 AAP विधायकों के बच्चे स्कूल जाने की उम्र में हैं, उनमें से केवल सुखवीर सिंह मैसरखाना (मौर, बठिंडा) के बच्चे ही सरकारी स्कूल में पढ़ते हैं।
बाकी लगभग सभी 30 विधायकों ने अपने बच्चों को निजी या विदेशी संस्थानों में दाखिला दिलाया है।
कई विधायकों के बच्चे देश के टॉप स्कूलों में
इन विधायकों के बच्चों की पढ़ाई देश के प्रतिष्ठित निजी स्कूलों में हो रही है, जैसे:
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The Doon School
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The Lawrence School
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The Scindia School
इसके अलावा कुछ विधायकों के बच्चों को चंडीगढ़ और अन्य शहरों के महंगे निजी स्कूलों में भी भेजा गया है।
कुछ बच्चे विदेश में भी पढ़ रहे
दो AAP विधायकों ने बताया कि उनके बच्चे विदेश में पढ़ रहे हैं।
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एक विधायक का परिवार अमेरिका में रहता है और बच्चे वहीं पढ़ते हैं
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दूसरे विधायक का बेटा लंदन के स्कूल में पढ़ रहा है
इसके अलावा एक विधायक के बच्चे होम-स्कूलिंग के जरिए पढ़ाई कर रहे हैं।
सरकारी स्कूलों से दूरी की वजहें
जब विधायकों से पूछा गया कि उन्होंने अपने बच्चों को सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं भेजा, तो उन्होंने कई कारण बताए:
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सरकारी स्कूलों में अवसरों की कमी
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अंग्रेजी वातावरण की कमी
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शिक्षकों की कमी
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निजी स्कूलों के मुकाबले कम exposure
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बच्चों के फ्रेंड सर्कल और सामाजिक दबाव
एक विधायक ने कहा कि शिक्षकों की कमी के कारण उन्होंने अपने बच्चे को सरकारी स्कूल से निकालकर निजी स्कूल में डाल दिया।
सरकारी स्कूलों की हालत पर विधायकों की टिप्पणी
एक विधायक ने कहा:
“मैं अपने क्षेत्र के कई सरकारी स्कूलों के नाम बता सकता हूँ जिनकी हालत इतनी खराब है कि देखकर रोना आ जाए। कुछ में इमारत नहीं, कुछ में शिक्षक नहीं और कुछ सिर्फ एक कमरे में चल रहे हैं।”
‘शिक्षा क्रांति’ के बावजूद घट रहे सरकारी स्कूलों के दाखिले
सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
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2023-24: सरकारी स्कूलों में 28.23 लाख छात्र
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2024-25: घटकर 26.69 लाख
वहीं निजी स्कूलों में दाखिले बढ़कर:
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29.81 लाख से बढ़कर 30.63 लाख हो गए।
शिक्षा सर्वे में पंजाब का प्रदर्शन बेहतर
हालांकि कई सर्वे में पंजाब के शिक्षा परिणाम बेहतर बताए गए हैं।
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नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पंजाब कई श्रेणियों में टॉप रहा।
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ASER 2024 रिपोर्ट में गणित में सुधार देखा गया, लेकिन पढ़ने की क्षमता अभी भी चिंता का विषय बताई गई।
शिक्षा मंत्री का बयान
पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि सरकारी स्कूलों में सुधार के अच्छे परिणाम मिल रहे हैं।
उन्होंने कहा:
“जिस दिन जनप्रतिनिधियों को यह भरोसा हो जाएगा कि सरकारी स्कूल निजी स्कूलों जैसा माहौल दे सकते हैं, उस दिन पूरी सोच बदल जाएगी।”
विपक्ष का हमला
कांग्रेस नेता Pratap Singh Bajwa ने सरकार पर हमला करते हुए कहा कि AAP वही कर रही है जिसकी आलोचना वह पहले करती थी।
पूर्व शिक्षा मंत्री Pargat Singh ने कहा:
“अगर सच में शिक्षा क्रांति आ गई है तो उनके अपने बच्चे सरकारी स्कूलों में क्यों नहीं पढ़ रहे?”
निष्कर्ष
पंजाब में शिक्षा सुधारों के दावों के बीच यह रिपोर्ट एक बड़ा सवाल खड़ा करती है —
क्या सरकारी स्कूलों में सुधार का भरोसा सरकार के अपने नेताओं को भी है?
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