बिहार में अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन तलाश रही कॉन्ग्रेस को इस बार के विधानसभा चुनाव में एक और बड़ा झटका लगा है। पार्टी को बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद थी, लेकिन नतीजों ने साफ कर दिया कि बिहार में कॉन्ग्रेस की स्थिति कितनी कमजोर हो चुकी है। 60 से अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने के बावजूद पार्टी दहाई का आँकड़ा भी नहीं छू पाई और केवल 6 सीटों पर सिमट गई।
इस करारी हार के बाद जहाँ कॉन्ग्रेस के कुछ नेता चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कई वरिष्ठ नेताओं ने पार्टी की रणनीतिक चूकों और संगठनात्मक कमियों को खुलकर स्वीकार किया है। नेताओं ने शीर्ष नेतृत्व से लेकर बूथ स्तर तक मौजूद कमियों पर गंभीर प्रश्न उठाए हैं।
कई नेताओं ने कहा है कि अब केवल आत्मनिरीक्षण करने का समय नहीं है, बल्कि वास्तविक स्थिति को स्वीकार कर बड़े और कठिन निर्णय लेने की आवश्यकता है। उनका कहना है कि बार-बार हार के बावजूद नेतृत्व में बदलाव न होना और जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी करना पार्टी को लगातार कमजोर कर रहा है।
वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने खुलकर कहा कि पार्टी ने उन्हें लंबे समय से दरकिनार कर दिया है। दूसरी ओर कई अन्य नेताओं ने भी संगठन की कार्यशैली, टिकट वितरण में गड़बड़ियों, कमजोर स्थानीय नेतृत्व और शीर्ष नेतृत्व की जमीनी सच्चाइयों से दूरी को हार का मुख्य कारण बताया है। शशि थरूर, मणिशंकर अय्यर, कृपानाथ पाठक और मुमताज पटेल जैसे नेताओं के हालिया बयान बताते हैं कि वे अपनी ही पार्टी की नीतियों से असंतुष्ट हैं।
कृपानाथ पाठक ने आरोप लगाया कि बिहार में जिम्मेदार पदाधिकारियों ने सही जानकारी नहीं दी और न ही योग्य लोगों का सही आकलन किया। उनके अनुसार यह चूक जानबूझकर हो या गलती से, जिसने भी इसे होने दिया, वह हार का जिम्मेदार है।
Patna, Bihar: On the #BiharAssemblyElections, Congress leader Kripananth Pathak says, "We believe that those in the state who were responsible did not convey the correct information. They did not gather accurate details about the right people. Whether it was by mistake or… pic.twitter.com/iGCtAdAiFy
— IANS (@ians_india) November 14, 2025
शशि थरूर ने इसे बेहद निराशाजनक परिणाम बताते हुए कहा कि पार्टी को यह गंभीर अध्ययन करना चाहिए कि रणनीति, संदेश और संगठन कहां कमजोर रहे। उन्होंने माना कि उन्हें बिहार में प्रचार के लिए नहीं बुलाया गया, इसलिए वे केवल जो सुना है, उसी के आधार पर स्थिति समझ पा रहे हैं।
#WATCH | Thiruvananthapuram, Kerala: On #BiharElections, Congress MP Shashi Tharoor says, "… it's very clear that the lead is overwhelmingly with the NDA. It's obviously seriously disappointing, and if that turns out to be the final result, then I think there will have to be… pic.twitter.com/10rnFhMEs1
— ANI (@ANI) November 14, 2025
मणिशंकर अय्यर ने और भी कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें पार्टी ने बाहर कर दिया है और अब उनकी कोई अहमियत नहीं रह गई है। उन्होंने कहा कि यह संगठन की कमजोरी का संकेत है।
पूर्व राज्यपाल निखिल कुमार ने स्वीकार किया कि पार्टी संगठन बेहद कमजोर हो चुका है और यह हार उसी का परिणाम है। उन्होंने माना कि उम्मीदवारों का चयन भी कई जगह गलत हुआ और कई बेहतर विकल्प होने के बावजूद पार्टी रणनीतिक रूप से कमजोर रही।
Patna, Bihar: On state Assembly elections, Congress leader and former Governor Nikhil Kumar says, "This reflects the weakness of our organization. In any election, a political party relies on its organizational strength. If the organization is weak and cannot function… pic.twitter.com/s0FMnjTytd
— IANS (@ians_india) November 14, 2025
कॉन्ग्रेस सांसद अखिलेश प्रसाद सिंह ने भी कहा कि पार्टी को आत्ममंथन करना चाहिए कि आखिर गलती कहाँ हुई।
वहीं मुमताज पटेल ने अपनी नाराज़गी सीधे शब्दों में व्यक्त करते हुए कहा कि अब बहानों, दोषारोपण और आत्मनिरीक्षण से आगे बढ़कर सच्चाई का सामना करने की जरूरत है। उनका कहना है कि सत्ता ऐसे लोगों के हाथों में केंद्रित हो गई है जो जमीनी हकीकत से कटे हुए हैं, और इन्हीं लोगों के कारण बार-बार पार्टी हार का सामना कर रही है।
No excuses ,No blame game No introspection , it’s time to look within and accept reality. Till when will countless loyal ground workers who have stayed with the party through thick and thin …wait to see success … instead it’s failure after failure due to power concentrated in…
— Mumtaz Patel (@mumtazpatels) November 14, 2025
कॉन्ग्रेस नेता शकील अहमद ने कहा कि वे अब पार्टी में नहीं हैं, लेकिन टिकट वितरण को लेकर जो आरोप लगे थे, उनकी जाँच ज़रूर होनी चाहिए।
#WATCH | Delhi: Regarding the shortcomings of the Congress in the Bihar elections, Former Bihar Minister and Congress leader Shakeel Ahmad says, "I am not in the Congress. I have no right to speak. But immediately after the ticket distribution, several senior Congress leaders… pic.twitter.com/DcURDQS6t6
— ANI (@ANI) November 14, 2025
इन सभी प्रतिक्रियाओं के आधार पर साफ है कि कॉन्ग्रेस के भीतर गहरी बेचैनी और असंतोष है। संगठन की कमजोरी, गलत टिकट वितरण, जमीनी कार्यकर्ताओं की अनदेखी, शीर्ष नेतृत्व की दूरी और संवादहीनता जैसे मुद्दों ने पार्टी को अंदर तक हिला दिया है।
#WATCH | Patna, Bihar: As the NDA leads the Bihar election results, Congress leader Nikhil Kumar says, "We are very upset about it. We know that the Congress Party's principles, its ideology, and its policies have shaped this country for 47 years, shows that it is the party that… pic.twitter.com/SNaHBQtffu
— ANI (@ANI) November 14, 2025
बिहार चुनाव 2025 में NDA ने 200 से अधिक सीटें जीतकर भारी बहुमत हासिल किया। बीजेपी 89 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी, जबकि JDU ने 85 सीटों पर जीत हासिल की। विपक्ष में आरजेडी को 26 सीटें मिलीं। वहीं कॉन्ग्रेस केवल 6 सीटों पर सिमट गई।
इस करारी हार ने कॉन्ग्रेस के भीतर चल रहे संकट को और गहरा कर दिया है और संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में पार्टी में बड़ा आंतरिक churn देखने को मिल सकता है।
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