बांग्लादेश के रंगपुर जिले के गंगाचारा उपजिला के बेटगारी यूनियन में रविवार, 27 जुलाई 2025 को एक भीषण साम्प्रदायिक हिंसा का मामला सामने आया, जहाँ इस्लामी भीड़ ने ‘ईशनिंदा’ के बहाने हिंदू समुदाय पर बर्बर हमला किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, 500-600 मुस्लिमों की उग्र भीड़ ने 15 से अधिक हिंदू घरों को निशाना बनाते हुए घरों में तोड़फोड़ की, सामान लूटा और परिवारों को घर छोड़ने पर मजबूर कर दिया। यह हमला रविवार शाम करीब 4:30 बजे हुआ, जब हमलावर लाठियों और देसी हथियारों से लैस होकर हिंदू बस्तियों पर टूट पड़े।
इस हिंसा की शुरुआत शनिवार (26 जुलाई) को हुई, जब बिना किसी ठोस प्रमाण के 18 वर्षीय हिंदू युवक रंजन रॉय को ‘ईशनिंदा’ के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। उस पर आरोप था कि उसने पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ फेसबुक पर कथित आपत्तिजनक पोस्ट की थी। हालांकि बाद में पत्रकार और फैक्ट-चेकर सोहन आरएसबी ने खुलासा किया कि यह पोस्ट रंजन के नाम से बनाए गए एक डुप्लिकेट अकाउंट से की गई थीं, और उस अकाउंट ने जानबूझकर रंजन की असली तस्वीरों का इस्तेमाल करके फर्जी पोस्टें की थीं। इसके बावजूद, पुलिस ने भीड़ के दबाव में आकर बिना जांच के रंजन को गिरफ्तार कर लिया।
Last night in Gangachara, Rangpur, more than 30 Hindu homes were attacked under the pretext of alleged blasphemy. The attackers were radical Islamists affiliated with Jamaat-e-Islami and the NCP. Notably, the military was also present at the time.🇧🇩
Eight years ago, in the same… pic.twitter.com/crKt5law8h
— Voice of Bangladeshi Hindus 🇧🇩 (@VHindus71) July 27, 2025
इस गिरफ्तारी के बाद मुस्लिम समुदाय के लोग और अधिक आक्रोशित हो गए। रविवार को नमाज के बाद ‘विरोध प्रदर्शन’ के नाम पर एकत्र हुई भीड़ ने अचानक हिंदू घरों पर हमला बोल दिया। पुलिस ओसी अल इमरान ने भी माना कि उन्हें लगा था यह शांतिपूर्ण मार्च होगा, इसलिए भीड़ को रोका नहीं गया। लेकिन जैसे ही हिंसा भड़की, एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया और कई पुलिसकर्मी भाग खड़े हुए।
#POGROM is going on in #Bangladesh.
News coming in from #Rangpur district.
This evening, an Islamist mob attacked the Hindu locality in #Aldadpur village the #Gangachara Upazila.
Islamists vandalised the houses of the Hindu minorities.
A total of 15 houses were vandalised.… pic.twitter.com/Tcr8w0xKeq
— Hindu Voice (@HinduVoice_in) July 27, 2025
इस हमले से कम से कम 50 हिंदू परिवार भयभीत होकर अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर हुए। एक हिंदू महिला ने कहा, “अब हम कैसे जिएँगे? हम पूरी तरह बर्बाद हो गए।” एक लड़की ने बताया कि पुलिस घटनास्थल पर थी, लेकिन हमला शुरू होते ही उन्होंने भागने में ही भलाई समझी और हिंदू समुदाय को भीड़ के हवाले कर दिया।
News: "In Gangachara, Rangpur, a 17-year-old boy has been arrested by the police on charges of making derogatory remarks about the Prophet Muhammad. Following this, enraged mobs attacked and vandalized the boy’s house as well as 15 houses belonging to members of the Sanatan… pic.twitter.com/bzOIwhW998
— taslima nasreen (@taslimanasreen) July 27, 2025
स्थानीय निवासी प्रमोद महंत ने बताया कि मुस्लिम समुदाय पहले बाजार में नारेबाजी कर रहा था, और फिर अचानक से हिंदू घरों को घेरकर हमला कर दिया गया। हालाँकि बाद में सेना और पुलिस ने मिलकर स्थिति को नियंत्रित किया और हमलावर भाग खड़े हुए, लेकिन अब तक किसी भी हमलावर की गिरफ्तारी नहीं हुई है।
इस प्रकार की साम्प्रदायिक हिंसा कोई नई बात नहीं है। मई 2025 में भी बांग्लादेश के जेसोर जिले में इसी तरह का हमला हुआ था, जहाँ मुस्लिम भीड़ ने हिंदू घरों में आगजनी और लूटपाट की थी। ‘ईशनिंदा’ के नाम पर लगातार हो रही ऐसी हिंसाएँ यह दर्शाती हैं कि बांग्लादेश में धार्मिक अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय, की सुरक्षा और न्याय की स्थिति अत्यंत चिंताजनक बनी हुई है।
A group of Muslims allegedly conspired to frame a minority Hindu boy by creating a fake ID and posting offensive remarks about Islam within just 15 days.
1/3 pic.twitter.com/bLYE5l9O11
— Avro Neel Hindu 🕉️🇧🇩 (@avroneel80) July 26, 2025
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