ईरानी सरकार ने 19 साल के उभरते हुए चैंपियन पहलवान सालेह मोहम्मदी समेत तीन प्रदर्शनकारियों को कोम (Qom) शहर में सरेआम फाँसी दी। सरकारी मीडिया और मानवाधिकार संगठनों के अनुसार यह कदम उन सभी के लिए चेतावनी है जो सरकार के अत्याचार और हिंसा के खिलाफ आवाज उठाते हैं।
इन तीनों पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने 8 जनवरी 2026 के प्रदर्शनों के दौरान दो पुलिसकर्मियों की हत्या की। मानवाधिकार संगठन IHRNGO और एमनेस्टी इंटरनेशनल का कहना है कि यह सजा राजनीतिक उद्देश्य से दी गई है, जिसमें टॉर्चर और डराने-धमकाने के बाद झूठे कबूलनामे लिए गए।
पूर्व पहलवान नविद अफकारी की तरह, ईरान के एथलीटों और खिलाड़ियों को निशाना बनाना अब पुराना खेल बन चुका है। विशेषज्ञों का कहना है कि सरकार अपनी सत्ता बचाने के लिए प्रदर्शनकारियों पर कठोर कदम उठा रही है, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील की गई है कि वे तुरंत कूटनीतिक दबाव डालें।
यह घटना दुनिया भर में चिंता का विषय बन गई है, क्योंकि हजारों लोग अभी भी जेलों में बंद हैं और उनकी जान खतरे में है।
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