प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में किसानों और रेलवे से जुड़े कुल छह महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने प्रेस वार्ता में जानकारी दी कि इनमें से दो निर्णय किसानों के हित में हैं, जबकि शेष चार फैसले भारतीय रेलवे के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए किए गए हैं।
कृषि क्षेत्र में सबसे अहम फैसला ‘प्रधानमंत्री किसान संपदा योजना’ (PMKSY) को लेकर लिया गया, जिसके तहत अब 15वें वित्त आयोग चक्र (2021-22 से 2025-26) के दौरान इस योजना के लिए 1,920 करोड़ रुपये के अतिरिक्त खर्च को मंजूरी दी गई है। इस अतिरिक्त बजट के बाद योजना की कुल लागत बढ़कर 6,520 करोड़ रुपये हो गई है। इस योजना के अंतर्गत दो नई प्रमुख उप-योजनाएं शुरू की जा रही हैं—पहली, 50 बहु-उत्पाद खाद्य विकिरण इकाइयों की स्थापना; और दूसरी, 100 एनएबीएल (NABL) मान्यता प्राप्त खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं का निर्माण। खाद्य विकिरण इकाइयों के जरिए सालाना 20 से 30 लाख मीट्रिक टन खाद्य उत्पादों की परिक्षण क्षमता विकसित की जाएगी, जिससे उनकी गुणवत्ता और संरक्षण अवधि बढ़ेगी। वहीं, 100 नई खाद्य प्रयोगशालाएं देश भर में खाद्य सुरक्षा मानकों को बेहतर बनाएंगी और सुरक्षित खाद्य आपूर्ति को सुनिश्चित करेंगी।
#WATCH | Delhi | Union Railways Minister Ashwini Vaishnaw says, "NCDC (National Cooperative Development Corporation) provides loans to cooperative societies. Today, its capital has been increased to Rs 2,000 crores through 'Grant in Aid'. These loans go to about 8.25 lakh… pic.twitter.com/5EsOjvxGDq
— ANI (@ANI) July 31, 2025
इसके साथ ही, इन योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए पात्र संस्थाओं से प्रस्ताव मंगवाने हेतु अभिरुचि पत्र (EOI) जारी किए जाएंगे। प्राप्त प्रस्तावों को योजना के दिशा-निर्देशों के तहत जांच कर स्वीकृति दी जाएगी।
सहकारिता क्षेत्र को मजबूती देने की दिशा में सरकार ने नेशनल कोऑपरेटिव डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (NCDC) की पूंजी 2,000 करोड़ रुपये बढ़ाने का फैसला किया है। इस निर्णय से अगले चार वर्षों में हर वर्ष 500 करोड़ रुपये का कर्ज सहकारी संस्थाओं को दिया जाएगा, जिससे लगभग 13,000 सहकारी समितियों और उनके तीन करोड़ से अधिक सदस्यों को सीधा लाभ मिलेगा। इस फैसले को हाल ही में घोषित नई सहकारिता नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
रेलवे से जुड़े चार बड़े फैसलों में प्रमुख रूप से देश के पूर्वी और मध्य हिस्सों के रेल नेटवर्क को विस्तार देने पर ध्यान केंद्रित किया गया है। इसमें मध्यप्रदेश के इटारसी से महाराष्ट्र के नागपुर के बीच चौथी रेल लाइन, पश्चिम बंगाल के अल्याबाड़ी से न्यू जलपाईगुड़ी के बीच तीसरी और चौथी लाइन, और महाराष्ट्र में छत्रपति संभाजीनगर से परभणी के बीच दोहरीकरण परियोजना को मंजूरी दी गई है। इन फैसलों से न केवल रेल संचालन क्षमता बढ़ेगी, बल्कि माल और यात्री परिवहन में भी गति आएगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को बल मिलेगा।
इन फैसलों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि सरकार एक साथ किसानों की आमदनी, खाद्य सुरक्षा, सहकारिता ढांचे और रेलवे अवसंरचना के बहुस्तरीय विकास पर केंद्रित है।
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