झारखंड से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। रांची से दिल्ली जा रही एक एयर एम्बुलेंस खराब मौसम के कारण चतरा जिले के घने जंगलों में क्रैश हो गई। इस भीषण हादसे में मरीज, उनके परिजन, डॉक्टर, नर्स और दोनों पायलट समेत सभी 7 लोगों की मौत हो गई।
कैसे और कब हुआ हादसा?
जानकारी के मुताबिक, रेड बर्ड एविएशन कंपनी का विमान बिरसा मुंडा एयरपोर्ट, रांची से दिल्ली के लिए रवाना हुआ था। मरीज 41 वर्षीय संजय कुमार (निवासी चंदवा, लातेहार) को 55% बर्न इंजरी के चलते बेहतर इलाज के लिए एयर एम्बुलेंस से दिल्ली ले जाया जा रहा था।
#WATCH | Chatra, Jharkhand | On air ambulance crash in Simariya block, SP Sumit Kumar Agarwal says, "We got information around 10 that an accident has happened… Getting here was difficult considering the terrain… The Delhi team will come here for investigation and try to… https://t.co/YOYVIHUfhf pic.twitter.com/SE5bvZCVIp
— ANI (@ANI) February 24, 2026
शाम करीब 7:30 बजे चतरा जिले के सिमरिया थाना क्षेत्र के करमटांड जंगल में एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) से अचानक संपर्क टूट गया। इसके बाद विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय इलाके में भीषण तूफान, तेज बिजली और मूसलाधार बारिश हो रही थी, जिससे दृश्यता बेहद कम हो गई थी।
हादसे में जान गंवाने वाले 7 लोग
अस्पताल और एयरपोर्ट प्राधिकरण के अनुसार मृतकों की पहचान इस प्रकार है:
विवेक विकास भगत – पायलट
सबराजदीप सिंह – पायलट
संजय कुमार – मरीज
अर्चना देवी – परिजन
धूरू कुमार – परिजन
विकास कुमार गुप्ता – डॉक्टर
सचिन कुमार मिश्रा – नर्स
रेस्क्यू ऑपरेशन और प्रशासन की कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय ग्रामीणों और प्रशासन ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। चतरा की डीसी कीर्ति श्री और एसपी सुमित कुमार अग्रवाल भारी पुलिस बल और पैरा मिलिट्री फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे।
मलबे से एक महिला और छह पुरुषों के शव बरामद किए गए। पूरे क्रैश साइट को सुरक्षा के मद्देनज़र सील कर दिया गया है। सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल चतरा भेजा गया है।
प्राथमिक जांच में खराब मौसम और तेज तूफान को हादसे का संभावित कारण माना जा रहा है। सिविल एविएशन मंत्रालय की टीम ब्लैक बॉक्स की तलाश कर रही है, ताकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा सके।
परिजनों में मचा कोहराम
मरीज संजय कुमार को 16 फरवरी को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिवार को उम्मीद थी कि दिल्ली में बेहतर इलाज से उनकी जान बच जाएगी, लेकिन यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी उड़ान साबित हुई। हादसे के बाद परिजनों और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
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