महाराष्ट्र के पुणे में छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के कथित अपमान का मामला सामने आने के बाद स्थानीय लोगों और सोशल मीडिया यूजर्स में आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना पुणे के हडपसर स्थित सासाणे नगर इलाके की बताई जा रही है। वायरल CCTV फुटेज में एक महिला को छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की ओर चप्पल और पत्थर फेंकते हुए देखा जा सकता है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने महिला को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।
CCTV में कैद हुई पूरी घटना
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, घटना 11 अगस्त 2026 को चर्चा में आई। सोशल मीडिया पर वायरल CCTV वीडियो में एक महिला छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के पास पहुंचती दिखाई देती है और कथित तौर पर उसकी तरफ चप्पल तथा पत्थर फेंकती है। जिस समय यह घटना हुई, उस दौरान प्रतिमा एक कांच के सुरक्षा घेरे में थी। फेंकी गई वस्तुओं के बावजूद कांच टूटने की सूचना नहीं है।
घटना का CCTV फुटेज सामने आने के बाद इलाके में नाराजगी फैल गई। वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ और लोगों ने महिला की हरकत की कड़ी आलोचना की।
Woman was caught throwing slippers and abusing bust of Chhatrapati Shivaji Maharaj in Pune
Another women caught her, blackened her face and handed her over to police.
Jay Bhavani! Jay Shivaji! pic.twitter.com/9EjDAN11C1
— India Strikes YT 🇮🇳 (@IndiaStrikes_) August 11, 2026
स्थानीय लोगों ने महिला को ढूंढकर घेरा
पहले वीडियो के बाद एक दूसरा वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें संबंधित महिला को स्थानीय लोगों से घिरा हुआ देखा जा सकता है। वीडियो में कुछ लोग उससे घटना को लेकर सवाल करते नजर आते हैं। इसी दौरान एक महिला उसके चेहरे पर बैंगनी रंग की स्याही लगाती हुई दिखाई देती है, जबकि दूसरी ओर उसे थप्पड़ मारते हुए भी देखा गया।
इसके बाद महिला को पुणे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने कहा है कि मामले में उपलब्ध तथ्यों और सबूतों के आधार पर उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
महिला की पहचान को लेकर सोशल मीडिया पर दावे
सोशल मीडिया की कई पोस्ट में संबंधित महिला का नाम अश्विनी दगड़े (Ashwini Dagde) बताया जा रहा है। हालांकि उपलब्ध प्रमुख मीडिया रिपोर्टों में पुलिस की ओर से उसके नाम की आधिकारिक पुष्टि स्पष्ट रूप से नहीं दी गई है। इसलिए महिला की पहचान से जुड़े सोशल मीडिया दावों को फिलहाल आधिकारिक पुष्टि के अधीन माना जाना चाहिए।
महिला ने ऐसा क्यों किया? वजह अभी स्पष्ट नहीं
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि महिला ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा की ओर चप्पल और पत्थर क्यों फेंके। पुलिस के सामने अब घटना के पीछे की वजह और महिला की मंशा का पता लगाना अहम होगा। CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध सबूतों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई किए जाने की संभावना है।
महिला के साथ मारपीट का वीडियो भी बना चर्चा का विषय
इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर दो तरह की प्रतिक्रियाएं सामने आई हैं। बड़ी संख्या में लोगों ने छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा के साथ कथित अपमानजनक व्यवहार पर नाराजगी जताई। वहीं कुछ यूजर्स ने महिला को घेरने, उसके चेहरे पर स्याही लगाने और मारपीट किए जाने की भी आलोचना की।
इन लोगों का कहना है कि किसी भी कथित अपराध की स्थिति में आरोपी के खिलाफ कार्रवाई कानून और पुलिस के जरिए होनी चाहिए तथा लोगों को कानून अपने हाथ में नहीं लेना चाहिए।
महाराष्ट्र में छत्रपति शिवाजी महाराज के प्रति गहरी आस्था
छत्रपति शिवाजी महाराज महाराष्ट्र के इतिहास और सांस्कृतिक पहचान के सबसे प्रमुख प्रतीकों में शामिल हैं। उनका नाम स्वराज्य, साहस, प्रशासन, आत्मसम्मान और न्याय की अवधारणाओं से जोड़ा जाता है। महाराष्ट्र में किलों, साहित्य, लोक परंपराओं, शिव जयंती समारोहों और सार्वजनिक जीवन में उनकी विरासत की गहरी छाप दिखाई देती है।
इसी कारण शिवाजी महाराज की प्रतिमा या चित्र से जुड़े कथित अपमान के मामले महाराष्ट्र में अक्सर तीखी सार्वजनिक प्रतिक्रिया पैदा करते हैं। सासाणे नगर की यह घटना भी सामने आते ही सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गई।
पुलिस जांच पर टिकी नजर
फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि महिला ने यह हरकत किस वजह से की और क्या इसके पीछे कोई पूर्व नियोजित उद्देश्य था। पुलिस CCTV फुटेज और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर इसकी जांच कर सकती है। पुलिस ने संबंधित महिला के खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई का भरोसा दिया है।
घटना के साथ ही स्थानीय लोगों द्वारा महिला के साथ किए गए व्यवहार का वीडियो भी सार्वजनिक हो चुका है। ऐसे में आगे पुलिस की कार्रवाई और जांच से ही पूरे घटनाक्रम की आधिकारिक तस्वीर स्पष्ट होने की उम्मीद है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel