उत्तराखंड में मानसून की बारिश लगातार परेशानी का सबब बनती जा रही है। रुद्रप्रयाग जिले में बद्रीनाथ हाईवे पर सिरोबगड़ के पास मिनी गोवा बीच में अलकनंदा नदी का पानी राष्ट्रीय राजमार्ग पर आ गया है, जिसके बाद वहां से आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है। 2013 की आपदा के बाद ऐसा मंजर दोबारा देखने को मिल रहा है। अलकनंदा नदी का जलस्तर इतना बढ़ गया है कि इसका पानी माँ धारी देवी मंदिर तक पहुंच गया है। इस समय अलकनंदा विकराल रूप में बह रही है और अपने रास्ते में आने वाली हर चीज को बहा ले जा रही है।
#WATCH | Rudraprayag District Administration informed that due to the cloudburst incident in Badeth Dungar Tok area of Tehsil Basukedaar of Rudraprayag district, information has been received about damage in some areas due to debris. Relief and rescue operations are being… pic.twitter.com/CJ8nkprjJS
— ANI (@ANI) August 29, 2025
भीमताल मार्ग पर भी बारिश ने संकट खड़ा कर दिया है। रानीबाग के पास पुल के पास भारी मलबा आने से यातायात बाधित हो गया। सुबह सड़क पर मलबा गिरने से भीमताल की ओर जाने वाला रास्ता पूरी तरह बंद हो गया। सूचना मिलने पर काठगोदाम थाना पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और मार्ग को सुचारू करने के लिए जेसीबी मशीन लगाकर मलबा हटाने का काम शुरू किया गया।
Uttarakhand | The Badrinath highway between Srinagar and Rudraprayag has been completely submerged in the Alaknanda River, due to which the highway has been completely blocked.
SSP Pauri Lokeshwar Singh told ANI that traffic has been stopped at safe places. Arrangements are… pic.twitter.com/ygKEgVcnWq
— ANI (@ANI) August 29, 2025
उत्तरकाशी में भी बारिश ने भारी तबाही मचाई है। गंगोत्री हाईवे भटवाड़ी स्थित पापड़ गाड़ में बरसाती मलवे के कारण बीआरओ का मोटर पुल खतरे में आ गया। पुल के ऊपर बड़े-बड़े पेड़ और पत्थर आकर गिर गए जिससे वहां खड़े वाहनों और मशीनों को नुकसान पहुंचा। तेज बारिश से पापड़ गाड़ के उफान में पुल पर भारी कटाव भी हुआ है।
भारत मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस साल मानसून ने सामान्य से पहले दस्तक दी थी। मानसून ने 29 जून तक पूरे देश को कवर कर लिया था, जो औसत से नौ दिन पहले है। इस बार 24 मई को ही यह केरल तट पर पहुंच गया था। उत्तराखंड में अब तक 1075 मिमी से अधिक बारिश रिकॉर्ड की गई है, जो औसत से 15% ज्यादा है।
चमोली जिले के मोपाटा गांव में गुरुवार देर रात बादल फटने से भीषण तबाही हुई। इस हादसे में गांव के तारा सिंह और उनकी पत्नी लापता हो गए, जबकि विक्रम सिंह और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, रात करीब ढाई बजे बादल फटने से मकान और गोशाला मलबे में दब गए। करीब 15 से 20 मवेशियों के दबने की आशंका है। गांव में चारों ओर मलबा फैला हुआ है और लोग दहशत में हैं।
Uttarakhand | Chamoli District Magistrate Sandeep Tiwari told ANI that relief work is being carried out by locals at the Mopata landslide area in Dewal, Chamoli district, while on the other hand, the DDRF team and tehsildar are trying to clear the blocked roads leading to Dewal.… pic.twitter.com/ksx5qUiXEF
— ANI (@ANI) August 29, 2025
घटना की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक टीमें राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुंच गईं। चमोली के सीडीओ अभिषेक त्रिपाठी ने वीडियो संदेश जारी कर बताया कि मोपाटा गांव में अतिवृष्टि से एक भवन क्षतिग्रस्त हुआ है, दो लोग घायल हुए हैं और दो लापता हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है और प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
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