अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच बड़ी खबर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने करीबी सलाहकारों से कहा है कि वे ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान को खत्म करने के पक्ष में हैं, भले ही रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद ही क्यों न रहे।
ट्रंप का मानना है कि अमेरिका ने ईरान की नौसेना और मिसाइल भंडार को तबाह करने का मुख्य लक्ष्य हासिल कर लिया है, इसलिए अब इस संघर्ष को और लंबा खींचने की जरूरत नहीं है।
Witnesses have captured intense US-Israeli attacks on Isfahan, a city in Iran with a population of 2.3 million people, and home to the Badr military airbase. Huge explosions and fires have lit up the night sky. pic.twitter.com/Auqwv7oSgL
— Al Jazeera Breaking News (@AJENews) March 31, 2026
वहीं, ईरान के शहर इस्फ़हान पर अमेरिका और इज़राइल के हमले की तस्वीरें सामने आई हैं। इस्फ़हान की आबादी लगभग 23 लाख है और यहीं पर बदर मिलिट्री एयरबेस भी स्थित है। इज़राइल की हाइफा तेल रिफाइनरी पर भी हमला किया गया, जिससे वहां भीषण आग लगी और काले धुएं का गुबार उठ गया। हिज़बुल्ला ने हाइफा में नौसैनिक अड्डे पर मिसाइल बौछार की। इज़रायल के पास केवल दो रिफाइनरी हैं, इसलिए यह हमला उसके लिए गंभीर चिंता का विषय है।
इस बीच, ईरानी विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सऊदी अरब समेत अन्य अरब देशों को ‘भाई’ बताते हुए कहा कि उनका निशाना सिर्फ अमेरिका और इज़राइल हैं। उन्होंने कहा कि यह अमेरिकी सेना को क्षेत्र से बाहर निकालने का सबसे सही समय है।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने इस्फ़हान में MQ-9 रीपर ड्रोन को मार गिराने का दावा किया है। वहीं, वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप प्रशासन ईरान से करीब 450 किलोग्राम संवर्धित यूरेनियम निकालने के लिए जटिल ‘ग्राउंड ऑपरेशन’ की योजना बना रहा है। इतना यूरेनियम लगभग 10-11 परमाणु बम बनाने के लिए पर्याप्त है।
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