पहलगाम हमले के बाद भारत की ओर से किए गए ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान इतना घबरा गया था कि उसने अमेरिका से करीब 60 बार सीजफायर के लिए गुहार लगाई। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने तत्कालीन ट्रंप प्रशासन तक अपनी बात पहुंचाने के लिए 6 अलग‑अलग लॉबिंग कंपनियों को लगभग 45 करोड़ रुपये का भुगतान किया। यह दावा BJP के नेशनल इन्फॉर्मेशन एंड टेक्नोलॉजी डिपार्टमेंट के प्रभारी अमित मालवीय ने किया है।
पाकिस्तान की इस गिड़गिड़ाहट का खुलासा कैसे हुआ, इस पर अमित मालवीय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा की। उन्होंने लिखा, “यह पाकिस्तान के समर्थकों के लिए बुरी खबर है। अमेरिका के Foreign Agents Registration Act (FARA) के तहत जारी दस्तावेजों से पता चलता है कि पिछले साल भारत के ऑपरेशन सिंदूर ने पाकिस्तान को हिला कर रख दिया था।”
This is bad news for Pakistan apologists.
Documents released under America’s Foreign Agents Registration Act (FARA) show that India’s Operation Sindoor in April last year shook Pakistan.
Pakistan lobbied aggressively through its diplomats in the US to prevent a war, contacting… pic.twitter.com/pM5mzMCVU6
— Amit Malviya (@amitmalviya) January 7, 2026
अपने पोस्ट में मालवीय ने आगे कहा कि पाकिस्तान ने युद्ध रोकने के लिए अमेरिका में अपने राजनयिकों के जरिए आक्रामक पैरवी की थी। उन्होंने बताया कि पाकिस्तानी अधिकारियों ने अमेरिकी सांसदों, शीर्ष प्रशासनिक अधिकारियों, पेंटागन और विदेश विभाग के अधिकारियों से लगभग 60 बार संपर्क किया था।
FARA के तहत यूएस डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस में दायर दस्तावेजों के अनुसार, पाकिस्तानी डिप्लोमैट्स ने अप्रैल के अंत से लेकर ऑपरेशन सिंदूर के चार दिनों के बाद तक ईमेल, फोन कॉल और आमने‑सामने की बैठकों के जरिए सीजफायर को लेकर बातचीत की थी।
मालवीय ने यह भी दावा किया कि ऑपरेशन सिंदूर को रोकने की कोशिश में पाकिस्तान ने ट्रंप प्रशासन तक त्वरित पहुंच बनाने के लिए 6 लॉबिंग फर्मों पर करीब 45 करोड़ रुपये खर्च किए। उन्होंने कहा कि अब भारत में उन सभी लोगों की पहचान की जानी चाहिए जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर संदेह जताया था, ताकि उन्हें एक बार फिर बेनकाब किया जा सके।
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